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तारिक रहमान के शपथ समारोह में नहीं जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्व
बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

तारिक रहमान के शपथ समारोह में नहीं जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्व

Feb 15, 2026
04:49 pm

क्या है खबर?

बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के 17 फरवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत नहीं करेंगे। उनकी जगह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को इसकी पुष्टि भी कर दी है। बता दें कि बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री मोदी समेत कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं को रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

बयान

सरकार ने क्या जारी किया बयान?

विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, "भारत एक साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी सम्मान से जुड़े पड़ोसी देशों के रूप में बांग्लादेश के नविर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में सरकार के गठन का स्वागत करता है, जिनकी दूरदृष्टि और मूल्यों को जनता का भारी जनादेश प्राप्त हुआ है। रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा अध्यक्ष बिरला की उपस्थिति इस बात को रेखांकित करती है कि बांग्लादेश के साथ भारत अपने संबंधों को कितना महत्व देता है।"

अन्य

शपथ ग्रहण समारोह में इन नेताओं के शामिल होने की संभावना

बांग्लादेश राष्ट्रीय परिषद (BNP) के अनुसार, नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री रहमान के 17 फरवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भारत के साथ इन्य देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें चीन, सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। BNP के अनुसार, इस शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ इन सभी देशों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

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कारण

बांग्लादेश क्यों नहीं जा रहे प्रधानमंत्री मोदी?

बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री मोदी को इस समारोह में आमंत्रित किया था, लेकिन 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी पहले से निर्धारित द्विपक्षीय वार्ता बैठक के कारण वह समाराेह में शामिल होने में असमर्थ हैं। ऐसे में सरकार ने उनकी जगह बिरला को भेजने का फैसला किया है। मंत्रालय ने कहा कि बिरला की समारोह में भागीदारी दोनों देशों को जोड़ने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

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जीत

चुनाव में BNP को मिला भारी बहुमत

BNP ने संसद की 297 सीटों में से 209 सीटें जीतकर लगभग 2 दशकों बाद सत्ता में वापसी का रास्ता साफ कर दिया। दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। मतदान प्रतिशत 59.44 रहा। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे रहमान ने अपनी पार्टी के अभियान में केंद्रीय व्यक्ति के रूप में उभरने से पहले लंदन में 17 साल स्वेच्छा से निर्वासन में बिताए थे।

आह्वान

BNP ने भारत के साथ संबंध बहाल करने की जताई इच्छा

जुलाई 2024 में हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। हसीना ने भारत में शरण ली थी और बांग्लादेश ने बार-बार उनके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था। हिंदुओ पर हमले ने तनाव को और बढ़ा दिया था। हालांकि, चुनाव के नतीजों के बाद रहमान के नेतृत्व वाली BNP ने भारत के साथ संबंध बहाल करने की इच्छा जताते हुए राजनयिक सहयोग फिर से शुरू करने की बात कही है।

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