अमरनाथ यात्रा 2026: यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात होंगी 670 कंपनियां, ड्रोन भी रखेंगे नजर
इस साल 30 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा है। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत के बाद सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती है। इसके चलते अधिकारी इस बार सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यात्रियों की हिफाजत के लिए अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस की 670 कंपनियां मुख्य रास्तों और पडावों पर तैनात की जाएंगी।
CRPF और कई एजेंसियों को सौंपी गई सुरक्षा की जिम्मेदारी
जम्मू-श्रीनगर हाईवे के नशरी-डिगडोल इलाके में सुरक्षा का बंदोबस्त पहले से भी कहीं ज्यादा पुख्ता है। यहां हर कुछ किलोमीटर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीमें मुस्तैद खड़ी हैं। ड्रोन, CCTV कैमरे, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड भी पूरी तरह से अपने काम पर लगे हैं। रामबन के CRPF कमांडेंट एन रणबीर सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों के काफिले को सबसे ज्यादा अहमियत दी जा रही है। साथ ही नो-फ्लाई जोन और RFID ट्रैकिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, ताकि हर यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस साल यात्रा को बिना किसी रुकावट के पूरा कराने के लिए CISF और सेना जैसी कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।