बिजली संकट के बीच 'संजीवनी', कोयले की आपूर्ति में हो रहा सुधार
बिजली के मोर्चे से अच्छी खबर सामने आई है। भारत में कोयले की सप्लाई अब रफ्तार पकड़ रही है, जिसमें हर दिन 2.6 मिलियन टन कोयले की रिकॉर्ड डिलीवरी हो रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से बिजली उत्पादन फिर से पटरी पर आ जाएगा और कई बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी भी दूर हो पाएगी।
कोयले की कमी से 96 बिजली संयंत्र प्रभावित
पिछले एक महीने में, ऐसे बिजली संयंत्रों की संख्या 60 से बढ़कर 96 हो गई है जिनमें तीन दिन से भी कम का कोयला बचा है, जो एक खतरनाक स्थिति है। इसकी मुख्य वजह खनन वाले इलाकों में रुक-रुक कर हुई बारिश और पनबिजली का कम उत्पादन रहा।
अल नीनो के कारण भी हालात और मुश्किल हुए। बिजली की मांग पिछले साल के मुकाबले 50 गीगावाट तक बढ़ गई है, जिसने कोयले से चलने वाले पावर स्टेशनों पर काफी दबाव डाला है। अच्छी बात यह है कि केंद्र सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, गुजरात में फिलहाल बिजली या कोयले की कोई कमी नहीं है, हालांकि राज्य के नेता इस बारे में अभी खामोश हैं।