
गुरूग्राम: मुख्यमंत्री खट्टर बोले- खुले में नहीं होगी नमाज, पुरानी मंजूरियां वापस ली गईं
क्या है खबर?
गुरूग्राम में खुले में नमाज पढ़ने पर जारी विवाद के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए खट्टर ने कहा कि अगर कोई अपनी जगह नमाज पढ़ता है, पाठ पढ़ता है या पूजा करता है तो दिक्कत नहीं है। खुले स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
पृष्ठभूमि
क्या है मामला?
दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में बीते कई हफ्तों से खुले में नमाज पढ़ने का विरोध हो रहा है।
2018 में भी ऐसी घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने मुसलमानों को नमाज पढ़ने के लिए कुछ स्थान आवंटित किए थे। पिछले कुछ हफ्तों से यहां हिंदूवादी संगठन नमाज पढ़े जाने का विरोध कर रहे हैं।
कई मौकों पर हालात गंभीर होते-होते बचे हैं और टकराव टालने के लिए पुलिस को मौजूद रहना पड़ा है।
बयान
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "पुलिस और प्रशासन को यह मामला सुलझाने के लिए कहा गया है। कोई अपनी जगह में नमाज पढ़ता है, पाठ पढ़ता है, पूजा करता है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। धार्मिक स्थल इसीलिए बने होते हैं। खुले में ऐसा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। यहां नमाज पढ़ने की प्रथा खुले में हुई है, ये कत्तई सहन नहीं की जाएगी। इसका सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाएगा।"
बयान
पुरानी मंजूरी वापस ली गई- खट्टर
खट्टर ने आगे कहा, "नमाज पढ़ने वालों ने कहा कि हमारे पास कई जमीने हैं, जहां हमें अनुमति दी जाए। कुछ जमीनें ऐसी भी हैं, जो उनकी अपनी या वक्फ बोर्ड की होंगी, जो गैर-विवादित जगहें हैं या वो अपने घर में नमाज पढ़ें। खुले में नमाज पढ़कर आपसी टकराव नहीं होना चाहिए। बैठक कर कई स्थानों पर नमाज की मंजूरी दी गई थी, जिसे वापस ले लिया गया है। अब नए सिरे से बातचीत होगी।"
हरियाणा
अनिल विज भी दे चुके ऐसा बयान
जब यह मामला पहली बार उछला था, तब खट्टर ने कहा था कि सभी लोगों को नमाज पढ़ने का अधिकार है, लेकिन नमाज पढ़ते समय रास्तों को बंद नहीं करना चाहिए।
वहीं जब गृह मंत्री अनिल विज से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई थी तो उन्होंने कहा था कि अगर किसी को भी कोई धार्मिक आयोजन करना है तो वो अपने धार्मिक स्थानों के अंदर ही करने चाहिए। अनुमति के बिना रास्तों पर ऐसे आयोजन नहीं होने चाहिए।
जानकारी
अक्टूबर में मामले ने पकड़ा था तूल
अक्टूबर में एक भीड़ ने गुुरूग्राम के सेक्टर 12 A में नमाज पढ़ रहे लोगों का विरोध किया था। हालात संभालने के पुलिस को तैनात करना पड़ा था और 30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
इसके बाद नवंबर में प्रशासन ने आदेश जारी किया कि पहले से तय 37 में आठ जगहों पर अब नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने बताया कि स्थानीय लोगों के 'विरोध' के बाद मंजूरी वापस ली गई है।