जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को दर्जा दिलाने की मुहिम तेज, क्या पूरी दुनिया देखेगी ओडिशा की धरोहर?
ओडिशा सरकार ने मशहूर जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को (UNESCO) की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' सूची में शामिल करवाने की पहल की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आग्रह किया है कि वे जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से मिलने वाले इस नामांकन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने 50 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह रथ यात्रा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक 'अनमोल सभ्यतागत परंपरा' है। यह भारत की विविधता और आध्यात्मिकता का एक बड़ा उत्सव है, जहां लाखों लोग एक साथ आते हैं। सिर्फ इस साल ही करीब 50 लाख लोगों ने इसमें शिरकत की। उनका मानना है कि इस यात्रा को यूनेस्को का दर्जा मिलने से न केवल इसकी विरासत और परंपराएं संरक्षित रहेंगी, बल्कि दुनियाभर में इसकी पहचान भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए सभी जरूरी कागजात पहले ही जमा किए जा चुके हैं और राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा।