आईफोन खरीदना पड़ रहा महंगा, भारत में ऐपल शिपमेंट घटने की आशंका
क्या है खबर?
भारत में लगातार कई वर्षों तक मजबूत बढ़त दर्ज करने के बाद अब ऐपल के आईफोन शिपमेंट को लेकर नया अनुमान सामने आया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार शोध संस्थानों का कहना है कि वर्ष 2026 में कंपनी पहली बार सालाना शिपमेंट में गिरावट दर्ज कर सकती है। हालांकि, भारत अब भी ऐपल के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। आने वाले महीनों में कंपनी के प्रदर्शन पर सभी की नजर बनी रहेगी।
वजह
सप्लाई की कमी और कम ऑफर बने बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, आईफोन शिपमेंट में संभावित गिरावट की सबसे बड़ी वजह सीमित सप्लाई और कम होती खरीद सुविधा है।
दिसंबर, 2025 से कुछ मॉडल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसके साथ आसान किस्त योजना, एक्सचेंज ऑफर और पुराने मॉडल पर मिलने वाली छूट भी पहले से कम हो गई है।
इससे ग्राहकों के लिए आईफोन खरीदना पहले की तुलना में महंगा पड़ रहा है और शिपमेंट पर असर दिखाई दे रहा है।
रिसर्च
रिसर्च रिपोर्ट में सामने आए कई अहम आंकड़े
IDC के अनुसार, ऐपल ने 2025 में भारत में करीब 1.43 करोड़ आईफोन भेजे थे।
अब 2026 में शिपमेंट में मध्यम स्तर की गिरावट आने का अनुमान है। वहीं अप्रैल-जून तिमाही में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट 11 से 12 प्रतिशत घटकर 3.2 से 3.4 करोड़ यूनिट रहने की संभावना जताई गई है।
इसी दौरान आईफोन शिपमेंट में करीब 1 प्रतिशत की कमी रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि मांग मजबूत बनी हुई है।
गिरावट
चार साल बाद तिमाही गिरावट
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में आईफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 3 प्रतिशत घटा, जो लगभग चार साल में पहली तिमाही गिरावट है।
हालांकि, ऐपल ने जून तिमाही में भारत से रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टिम कुक ने भी भारत को ऐपल के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल बताया है।
विशेषज्ञ अब आने वाले त्योहारी सीजन और नए मॉडल की बिक्री पर नजर रखे हुए हैं।