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दिल्ली के बाद झारखंड में शुरू हुआ पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन, CJP ने दिया समर्थन
दिल्ली के बाद झारखंड में शुरू हुआ पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन

दिल्ली के बाद झारखंड में शुरू हुआ पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन, CJP ने दिया समर्थन

Aug 03, 2026
11:34 am

क्या है खबर?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब झारखंड में भी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गया। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 5 दिनों से चल रहे छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने के बाद अब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रविवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। CJP ने इस प्रदर्शन को समर्थन देने का ऐलान किया है।

विरोध

कैसे फूटी विरोध की चिंगारी?

यह विवाद 2 जुलाई को जारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों से जुड़ा है।

नतीजों में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों ने 5 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था।

20 जुलाई को छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर धांधली के पुख्ता सबूत सौंपे थे, जिसके बाद सरकार ने कुछ प्राथमिक कदम उठाए थे।

हालांकि, छात्रों का आरोप है कि सरकार और JPSC दिखावे की कार्रवाई कर वास्तविक दोषियों को बचा रही है।

मांग

छात्रों की प्रमुख मांग क्या है?

आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता महतो, धरने में शामिल छात्रों और उनके संगठनों की मांगें बेहद स्पष्ट हैं।

उनके अनुसार, 19 अप्रैल को आयोजित हुई 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द कर दिया जाना चाहिए।

इसी तरह JPSC और JSSC-CGL जैसी बड़ी परीक्षाओं में हुए घोटालों और पेपर लीक के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए।

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अन्य

छात्रों की अन्य मांगों में क्या शामिल?

छात्रों ने परीक्षा आयोजित कराने वाली विवादित TSR डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) एजेंसी द्वारा कराई गई सभी पुरानी और वर्तमान परीक्षाओं की समीक्षा और जांच की जाए।

इसी तरह भविष्य में परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए OMR शीट में 5वां विकल्प 'प्रयास नहीं किया गया' अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए, ताकि बाद में खाली छोड़ी गई शीटों में हेरफेर न हो सके।

इसी तरह परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।

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बयान

छात्र नेता महतो ने दिया अहम बयान

छात्र नेता महतो ने कहा, "हफ्तों के विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सरकार और JPSC छात्रों की चिंताओं को पर्याप्त रूप से हल करने में विफल रही है। उनका मौजूदा रवैया छात्रों का मनोबल गिरा रहा है।"

उन्होंने कहा, "छात्रों का मनोबल बनाए रखने और इस संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए मैं आज से भोजन त्याग रहा हूं। हमारा प्राथमिक उद्देश्य 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करवाना और TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच करवाना है।"

चेतावनी

महतो ने मांगे पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की दी चेतावनी

महतो ने पत्रकारों से कहा कि जब तक मुख्यमंत्री सोरेन को सौंपी गई उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वह अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे और छात्रों का धरना भी यथावत रहेगा।

उन्होंने कहा, "मैं इस भूख हड़ताल के सभी नियमों का पूरी तरह से पालन करूंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि सरकार हमारी मांगों के आगे घुटने टेक दे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पेपर लीक और अन्य धांधली के सभी आरोपियों को कड़ी सजा मिले।"

समर्थन

CJP के दिया प्रदर्शन को समर्थन

दिल्ली विरोध प्रदर्शन से सुर्खियों में आई CJP ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक्स पर लिखा, 'मैने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात की है। CJP झारखंड के सभी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी मांगों का समर्थन करती है।'

ऐसे में दिल्ली के बाद अब रांची में CJP के प्रवेश से राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

राजनीति

मामले पर शुरू हुई राजनीति

छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बीच झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लिया है।

उन्होंने कहा कि सूबे में ऐसी काई परीक्षा नहीं बची है, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो।

उन्होंने मुख्यमंत्री सोरेन से इस प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

ऐसे में अब भाजपा और CJP के समर्थन से छात्रों का मनोबल बढ़ गया है।

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का बयान

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