तस्करों से बचाए गए 5 नन्हे ओरंगुटान, ओडिशा में म्यूजिक थेरेपी और झूलों के साथ मिल रहा नया जीवन
ओडिशा ने 8 सितंबर को बालासोर के बिचित्रपुर जंगल से बचाए गए 5 शिशु ओरंगुटानों की देखभाल के लिए एक 5 सदस्यीय तकनीकी समिति बनाई है। ये नन्हे ओरंगुटान अब भुवनेश्वर के नंदनकानन चिड़ियाघर में सुरक्षित हैं। मैसूर के श्री चामराजेंद्र जूलॉजिकल गार्डन, देहरादून के वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भुवनेश्वर के सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ, OUAT के विशेषज्ञ इनकी बेहतर देखभाल कर रहे हैं।
ओरंगुटान बच्चों को मिल रही देखभाल
इन नन्हे ओरंगुटानों की देखभाल करने वाले और डॉक्टर 24 घंटे इनकी निगरानी कर रहे हैं। इन्हें दूध, फल और सब्जियों का पौष्टिक आहार मिल रहा है। इन्हें घर जैसा माहौल देने के लिए म्यूजिक थेरेपी, झूले और मुलायम खिलौने भी दिए गए हैं। इनमें से कुछ बच्चे तो बुखार और सर्दी से ठीक भी हो चुके हैं। वहीं पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि इन जानवरों की तस्करी कैसे की गई। पुलिस की उम्मीद है कि इस तरह के अवैध वन्यजीव व्यापार को पूरी तरह से रोका जा सके।