JEE मेन 2026: NTA ने तोड़ी चुप्पी, 9 शिफ्टों के परसेंटाइल का पूरा गणित और निष्पक्षता का फॉर्मूला
आप सोच रहे होंगे कि आपका JEE (मेन) 2026 रैंक कैसे तय हुआ? नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, यानी NTA ने बता दिया है कि 2 से 8 अप्रैल के बीच नौ अलग-अलग शिफ्टों में हुई परीक्षाओं में परसेंटाइल सिस्टम का इस्तेमाल कैसे किया गया। दरअसल, हर शिफ्ट की मुश्किल का स्तर अलग हो सकता है, इसलिए सिर्फ रॉ मार्क्स से पूरी बात साफ नहीं हो पाती। इस साल तो 99वां परसेंटाइल हासिल करने के लिए 300 में से 165 से लेकर 196 अंकों की ज़रूरत पड़ी।
NTA ने निष्पक्षता के लिए शिफ्ट परसेंटाइल को मिलाया
NTA हर परीक्षा शिफ्ट को एक अलग समूह मानती है और उसके अंदर छात्रों को उनके रॉ मार्क्स के आधार पर रैंक देती है। इसके बाद, इन सभी परसेंटाइल स्कोर को एक ही राष्ट्रीय मेरिट लिस्ट में एक साथ मिला दिया जाता है। एजेंसी के मुताबिक, यह तरीका निष्पक्षता के लिए बहुत ज़रूरी है। इसके बिना तो आपका रैंक इस बात पर निर्भर करेगा कि आपको कौन सी शिफ्ट मिली, न कि आपने कितना अच्छा प्रदर्शन किया। इस बार सिर्फ दो शिफ्टों में परफेक्ट स्कोर आए, और एक सेशन में टॉप परसेंटाइल 285 अंकों तक पहुंच गया था।