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व्यापार सौदे पर डोभाल ने रुबियो से कहा था- ट्रंप कार्यकाल समाप्त होने तक इंतजार करेंगे
अमेरिकी व्यापार समझौते को लेकर मार्को रुबियो और अजित डोभाल के बीच पिछले साल बैठक हुई थी

व्यापार सौदे पर डोभाल ने रुबियो से कहा था- ट्रंप कार्यकाल समाप्त होने तक इंतजार करेंगे

लेखन गजेंद्र
Feb 05, 2026
08:47 am

क्या है खबर?

अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार व्यापार समझौते के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्याकाल के समाप्त होने तक इंतजार करने को तैयार थी। यह बातचीत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच पिछले साल एक बैठक के दौरान हुई थी।

बातचीत

डोभाल ने कहा था- अमेरिका के दवाब में नहीं आएंगे

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में एक केंद्रीय अधिकारी के हवाले से बताया कि सितंबर 2025 की शुरूआत में डोभाल और रुबियो की 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर बैठक हुई थी। इस दौरान डोभाल ने कहा था, "भारत राष्ट्रपति ट्रंप और उनके शीर्ष सहयोगियों से दबने वाला नहीं है, और अतीत में अन्य शत्रुतापूर्ण अमेरिकी प्रशासनों का सामना करने के बाद, उनके कार्यकाल के समाप्त होने तक इंतजार करने को तैयार रहेगा।" जानकारी देने वाले अधिकारी ने अपना गोपनीय रखा है।

बैठक

बैठक के बाद सार्वजनिक बयानबाजी में आई थी कमी

रिपोर्ट के अधिकारी के हवाले से यह दावा किया गया है कि बैठक में डोभाल ने रुबियो से कहा था कि नई दिल्ली चाहती है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक आलोचना कम करें ताकि वे संबंधों को फिर से पटरी पर ला सकें। बताया जा रहा है कि इस बैठक के बाद ट्रंप और उनके सहयोगियों की बयानबाजी में कुछ नरमी आई थी और ट्रंप ने सितंबर में प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन किया था।

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खंडन

भारत और अमेरिका ने मामले में बयान देने से इंकार किया

रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में भारत के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी विदेश विभाग से जानकारी ली गई थी, लेकिन विभागों ने बयान देने से इंकार कर दिया है। बता दें कि डोभाल और रुबियो के बीच बैठक अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर हुई थी। अमेरिका ने पिछले साल भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ और 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ रूस से तेल खरीदने के एवज में लगाया था।

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बयान

भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद कड़वाहट में आई थी तेजी

पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के रुकने की घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले की थी, जिसके बाद भारतीय सेना की ओर से इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद ट्रंप लगातार ये दावा करते रहे कि युद्ध उन्होंने रुकवाया है। हालांकि, भारत ने सभी मंचों से इसका खंडन किया और कहा कि युद्ध पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने पर सैन्य स्तर पर ही रुका है। इसके बाद, भारत और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ी थी।

बयानबाजी

अमेरिका की भारत विरोधी बयानबाजी अचानक रुकी

राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को न केवल 'मृत अर्थव्यवस्था' कहा था बल्कि G-7 देशों को भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने को उकसाया था। इसके बाद उनके प्रशासन ने बयानबाजी शुरू कर दिए। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने भारत पर रूसी तेल से "मुनाफाखोरी" का आरोप लगाया। वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक, व्यापार सलाहकार केविन हैसेट और व्हाइट हाउस के अधिकारी स्टीफन मिलर ने विरोध किया। अमेरिकी अर्थशास्त्री पीटर नवारो ने यूक्रेन-रूस युद्ध को 'मोदी का युद्ध' कहा था।

जानकारी

ट्रंप 2029 तक हैं राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 वर्ष का होता है। अमेरिका का कोई भी नागरिक केवल 2 कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति रह सकता है। ट्रंप जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बने हैं। इसलिए वे 2029 तक पद पर रहेंगे। इससे पहले वे 2017-2021 तक वे राष्ट्रपति थे।

समझौता

ट्रंप ने की भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका-भारत के बीच व्यापार समझौते की घोषणा ट्रुथ पर की थी। उन्होंने लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर उन्होंने भारतीय सामानों पर टैरिफ कम करके 18 प्रतिशत कर दिया है और बड़ा व्यापार समझौता किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा। इस फैसले के कारण भारत से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी हटा दिया गया है।

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