पेरासिटामोल समेत 42 जरूरी दवाएं हुईं सस्ती, डायबिटीज और दिल के मरीजों को राहत
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 42 जरूरी दवाओं के लिए नए अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) तय किए हैं। इनमें डायबिटीज, इंफेक्शन, दिल की बीमारी और दर्द के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। NPPA ने 30 अप्रैल को ड्रग्स प्राइसेस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत इस फैसले की घोषणा की है, जिसका मकसद आम लोगों तक जरूरी दवाओं को सस्ती दरों पर पहुंचाना है। यह भी साफ किया गया है कि इन MRP में GST शामिल नहीं है, जिसे तभी जोड़ा जाएगा, जब वह वास्तव में सरकार को जमा किया गया हो।
खास कीमतें और नियमों का पालन जरूरी
NPPA ने जिन खास दवाओं की कीमतें तय की हैं, उनमें ये शामिल हैं। एसिक्लोफेनाक-पेरासिटामोल-सेरेटियोपेप्टिडेज जैसी आम दवाओं की कीमत अब अधिकतम 10.18 रुपये प्रति गोली कर दी गई है। कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली एटोरवास्टेटिन-एजेटीमिब दवा की कीमत 21.36 रुपये से 32.46 रुपये के बीच होगी, जो उसकी खुराक पर निर्भर करेगा। दिल की सुरक्षा के लिए क्लोपिडोग्रेल-एस्पिरिन-एटोरवास्टेटिन कैप्सूल की कीमत 6.19 रुपये से 8.80 रुपये प्रति कैप्सूल तय की गई है। एंटीबायोटिक और एंटी-डायबिटिक दवाएं भी इस सूची में शामिल हैं। इसके साथ ही, कुछ ऐसी महंगी थेरेपी वाली दवाएं भी हैं जिनकी एक गोली 100 रुपये से ज्यादा की आती थी। दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए इन नए MRP को मानना और अपनी मूल्य सूची (प्राइस लिस्ट) अपडेट करना अनिवार्य है। वहीं, दुकानदारों के लिए भी यह जरूरी है कि वे इन कीमतों को साफ-साफ प्रदर्शित करें, वरना उन्हें सरकार की सख्त कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। ये नए नियम पुराने किसी भी मूल्य निर्धारण आदेश की जगह ले लेंगे।