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नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी बिल्डर को रिहा किया
नोएडा में इंजीनियर की मौत के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी बिल्डर अभय कुमार को रिहा किया

नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी बिल्डर को रिहा किया

लेखन गजेंद्र
Feb 06, 2026
06:34 pm

क्या है खबर?

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में पिछले महीने सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की बेसमेंट में गिरने से हुई मौत के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपी बनाए गए बिल्डर अभय कुमार को राहत दी है। कोर्ट ने मामले में पाया कि रियल एस्टेट फर्म विजटाउन प्लानर्स लिमिटेड के निदेशक कुमार की गिरफ्तारी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किए बिना हुई थी। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और जयकृष्ण उपाध्याय की पीठ ने कुमार को तुरंत रिहा करने को कहा है।

आदेश

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट बिल्डर कुमार की ओर से गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने गिरफ्तारी ज्ञापन के खंड-13 के तहत प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसके तहत आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना और हिरासत से पहले ज्ञापन की एक प्रति देना आवश्यक है। हाई कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 20-21 जनवरी को जारी न्यायिक हिरासत आदेशों को रद्द कर दिया है।

रिहा

22 जनवरी को एक व्यक्ति की रिहाई से खुला रास्ता

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 22 जनवरी को इसी तरह की एक याचिका की सुनवाई करते हुए, उसी खंडपीठ ने उमंग रस्तोगी नामक एक व्यक्ति को रिहा किया था। उसने भी गौतमबुद्ध नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी ज्ञापन न दिए जाने पर गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। इसी फैसले को आधार बनाकर बिल्डर कुमार को राहत मिली। खंडपीठ ने 22 जनवरी के आदेश में पुलिस महानिदेशक को उन अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा था, जो गिरफ्तारी कारणों का खुलासा नहीं करते।

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घटना

क्या है इंजीनियर की मौत का मामला?

युवराज गुरूग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वे शुक्रवार 16 जनवरी की रात घर लौट रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण उनकी कार नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में गिर गई। बेसमेंट में पानी भरा था और उसके आसपास कोई बैरीकेडिंग और सूचना नहीं थी। इसी में डूबकर युवराज की मौत हो गई। मामले में बिल्डर कुमार को गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के CEO एम लोकेश को हटा दिया था।

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