
नोएडा: स्कूल ने छिपाई छात्रा की आत्महत्या की घटना, गुपचुप कर दिया अंतिम संस्कार
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित बालिका बोर्डिंग स्कूल में एक 14 वर्षीय छात्रा के आत्महत्या करने तथा स्कूल प्रशासन द्वारा मामले को नौ दिन तक छिपाए रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि स्कूल प्रशासन ने घटना को छिपाने के लिए छात्रा की छोटी बहन को कमरे में बंद कर दिया और गुपचुप शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अब परिजनों की शिकायत पर मामला प्रकाश में आया है।
घटना
छात्रा ने 3 जुलाई को स्कूल में फंदे से झूलकर की थी आत्महत्या
TOI के अनुसार हरियाणा निवासी छात्रा के पिता ने बताया कि उसकी दो बेटी और एक बेटा नोएडा के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हैं। बेटियां एक कैंपस में पढ़ती हैं, जबकि बेटा दूसरे कैंपस में।
गत 3 जुलाई को उसकी 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय बेटी ने अपने कमरे में फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली थीं।
उसके बैग में कई नोट्स मिले, जिसमें लिखा था कि वह "अन्याय" की शिकार थी और जिदंगी से नफरत करती थी।
जानकारी
एक साल पहले ही स्कूल में दिलाया था प्रवेश
छात्रा के पिता ने बताया कि उसने अपने बच्चों को एक साल पहले ही बोर्डिंग स्कूल में प्रवेश दिलाया था। उसकी बेटी स्कूल में कोई दोस्त नहीं होने के कारण अवसाद में चली गई थी और स्कूल प्रशासन उसकी कोई मदद नहीं कर रहा था।
सूचना
स्कूल प्रशासन ने अचानक दी घटना की सूचना
छात्रा की मां ने बताया कि उन्हें स्कूल की तरफ से फोन आया और कहा गया कि तत्काल स्कूल पहुंचे।
उन्होंने आर्थिक तंगी का हवाला दिया तो स्कूल से गाड़ी भेजी गई और उन्हें स्कूल बुलवा लिया।
जब वह स्कूल पहुंचे तो हैरान रह गए। उन्हें उस कमरे में ले जाया गया जहां बेटी ने आत्महत्या की थी। उसके गले पर दो दुपट्टे थे। उस दौरान स्कूल प्रबंधन ने उनके मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए।
योजना
सुसाइड नोट में मां को जिम्मेदार ठहराने की कही बात
मृतक छात्रा की मां ने बताया कि घटना के समय उसकी बेटी ने स्कूल ड्रेस पहनी हुई थी। घटना का कारण पूछा तो स्कूल प्रशासन ने कहा कि उनके खिलाफ एक सुसाइड नोट मिला है और अगर यह बात पुलिस तक पहुंचती है तो उन्हें दिक्कत हो सकती है।
उन्होंने सुसाइड नोट दिखाने से भी मना कर दिया। इतना ही नहीं, स्कूल प्रबंधन ने घटना को छिपाने के लिए उसकी छोटी बेटी को भी कमरे में बंद कर दिया।
हस्ताक्षर
स्कूल प्रशासन ने जबरन करवाए हस्ताक्षर
मृतक छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन एक पेपर पर हस्ताक्षर करवाए गए जिसमें लिखा गया कि वह लंबे समय से बीमार थी और प्राकृतिक वजहों से उसकी मौत हुई है।
मृतका की मां ने बताया, "मेरे पति के जबरन हस्ताक्षर लिए गए। मेरे अंगूठे का निशान लिया गया। हमने कहा कि बॉडी हमें सौंपी जाए तो उन्होंने नोएडा में अंतिम संस्कार कराने पर जोर डाला और फिर नोएडा के भंगेल में अंतिम संस्कार करा दिया।"
शिकायत
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को भेजी शिकायत
परिजनों ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें अपने वाहन से हरियाणा भेज दिया। इस दौरान एक वाहन से दिल्ली के धौला कुआं तक उनका पीछा भी किया गया।
घर लौटने पर उन्हें बैग में कुछ नोट्स मिले जिसमें से एक में मनीष तंवर और मनीष शर्मा का नाम कई बार लिखा गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को मामले की शिकायत की है तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी शिकायत भेजी है।
जानकारी
परिवार को नोएडा जाने में लग रहा है डर
मृतक छात्रा की मां ने बताया कि वह नोएडा थाने में स्कूल प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकते हैं। उनके नोएडा जाने पर जान से मारे जाने का खतरा है। ऐसे में वह मुख्यमंत्री से ही न्याय मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बयान
पुलिस को इस संबंध में नहीं मिली कोई शिकायत
नोएडा के पुलिस उपायुक्त (DCP) संकल्प शर्मा ने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इधर, बोर्डिंग स्कूल के चांसलर ने कहा कि परिजन जबरन कहानी गढ़ रहे हैं। उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं। उन्हें सुसाइड की कॉपी दिखाई थी जिसमें मृतका ने अपनी मां के खिलाफ लिखा था और उन्होंने परिवार की सहमति से अंतिम संस्कार किया था।