अब 100 प्रतिशत एथेनॉल पर दौड़ेगा देश, खत्म होगी तेल आयात की चिंता
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि भारत ऐसे पेट्रोल का इस्तेमाल करना चाहता है, जिसमें एथेनॉल पूरी तरह मिला हुआ होगा। यह बात उन्होंने एक ग्रीन एनर्जी इवेंट में बताई। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर जो दिक्कतें आई हैं, उनसे साफ हो गया है कि भारत तेल के आयात पर कितना निर्भर है। फिलहाल, देश में पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2023 में यह पहल शुरू की थी। हालांकि, अब देश इस दिशा में पूरी तरह आगे बढ़ना चाहता है।
गडकरी ने बायोफ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन का समर्थन किया
गडकरी ने कहा कि बायोफ्यूल और दूसरे विकल्पों की तरफ बढ़ना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत अपने तेल का करीब 90 फीसदी इम्पोर्ट करता है और जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर भारी रकम खर्च करता है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2027 से नए फ्यूल एफिशिएंसी नियम लागू होंगे। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर भी खास जोर दिया है, खासकर तब, जब इसे सस्ते में बनाया जा सके। उन्होंने तो कचरे से हाइड्रोजन बनाने का भी सुझाव दिया है, जिससे प्रदूषण कम करने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो सके।