निकोबार में राहुल गांधी की वीडियो में अचानक कैद हुआ दुर्लभ स्तनधारी जीव, क्या है ये?
क्या है खबर?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 2 दिन से अंडमान और निकोबार के दौरे पर हैं। बुधवार को जब राहुल ग्रेट निकोबार में चल रही केंद्र की परियोजना के खिलाफ जंगलों के बीच से एक संदेश दे रहे थे, तब अचानक एक दुर्लभ जीव उनकी वीडियो में कैद हो गया। यह जीव निकोबार का स्थानिक स्तनधारी 'निकोबार ट्रीश्रू' बताया जा रहा है, जो सिर्फ यहीं पाया जाता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसका जिक्र अपनी पोस्ट में किया है।
जीव
परिस्थितिकी विज्ञान शास्री डॉ दिव्या मुदप्पा ने पहचाना
कांग्रेस संचार विभाग के महासचिव जयराम ने एक्स पर राहुल के उस वीडियो का अंश साझा किया, जिसमें 'निकोबार ट्रीश्रू' दिखा है। उन्होंने लिखा, 'इस वीडियो में 1:34-1:36 पर, पीछे एक पेड़ की डाल पर एक दुर्लभ और स्थानिक स्तनधारी तेजी से दौड़ता हुआ दिखाई देता है। यह एक निकोबार ट्रीश्रू है! यह उन प्रजातियों में है, जिनका अस्तित्व खतरे में है। जयराम ने बताया कि भारत की बेहतरीन परिस्थितिकी विज्ञान शास्री डॉ दिव्या मुदप्पा ने इसे तुरंत पहचान लिया।
ट्विटर पोस्ट
वीडियो में दिखा निकोबार टीश्रू
At 1:34-1:36 in this video there's this rare, endemic mammal sprinting away on a branch in the background. A Nicobar treeshrew! One of the species whose survival is at stake as @RahulGandhi points out.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 29, 2026
Dr. Divya Mudappa - one of India’s finest ecologists now with the Nature… https://t.co/JZRXsnA2b5 pic.twitter.com/gQdgUJJRJl
खासियत
निकोबार ट्रीश्रू की क्या खासियत है?
निकोबार ट्रीश्रू एक छोटा स्तनपायी जीव है, जिसका वैज्ञानिक नाम 'टूपाइआ निकोबारिका' है। राउंडग्लास सस्टेन के मुताबिक, नुकीली थूथन वाला यह स्तनधारी दिखने में चूहे, गिलहरी और नेवले का मिश्रण है, लेकिन यह इनमें से किसी परिवार से संबंधित नहीं है। इसकी लंबाई थूथन से पूंछ तक करीब 80 सेंटीमीटर होती है। इसकेकान स्पष्ट दिखते हैं और पैर इंसानों जैसे हैं, जिसमें 5 अलग-अलग पकड़ने लायक उंगलियां और पतले नाखून हैं। निकोबार वृक्षवासी 'निकोबार ट्रीश्रू' के लिए आदर्श घर है।
अस्तित्व
अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा
रिपोर्ट के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 9,100 से अधिक प्रजातियां हैं, जिसमें निकोबार ट्रीश्रू जैसी 1,032 प्रजातियां स्थानिक हैं। ट्रीश्रू केवल दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया में मिलते हैं। विश्व में पाई जाने वाली 19 प्रजातियों में 3 भारत में हैं, जिसमें ट्रीश्रू केवल निकोबार में ही हैं। यह पेड़ो पर रहता है और जमीन पर घूमता है। इंसानों को देखते चीखने वाला यह जी कीट-फल खाता है। इसे जंगल का जासूस भी कहते हैं। ये लुप्तप्राय जीव है।