यासीन मलिक समेत 7 पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, NIA कोर्ट ने तय किए आरोप
क्या है खबर?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक और 6 अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है। आरोप है कि इन्होंने हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी और विदेशी धन का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया। यासीन के अलावा जहूर अहमद शाह वटाली, नवल किशोर कपूर, मेसर्स ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम और राशिद शेख के खिलाफ भी आरोप तय हुए हैं।
कोर्ट
कोर्ट ने कहा- आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने कहा, "मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है जिसके आधार पर सभी 7 आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा होता है, जिसके लिए उक्त आरोपियों पर PMLA की धारा 3 के तहत अपराध का आरोप लगाया जाना चाहिए, जो PMLA की धारा 4 के तहत दंडनीय है।"
मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
फंडिंग
ED ने कहा- 8.94 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, जांच के दायरे में आए आपराधिक कृत्यों से कुल 8.94 करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त हुई।
ED की जांच में आरोप लगाया गया कि मलिक को 2015-16 के दौरान वटाली के माध्यम से 15 लाख रुपये और मिले, जिससे मलिक द्वारा कथित तौर पर प्राप्त कुल राशि 30.75 लाख रुपये हो गई।
कोर्ट ने NIA की अतिरिक्त चार्जशीट का जिक्र करते हुए कहा कि मलिक को सऊदी अरब से 15.75 लाख रुपये मिले थे।
मामला
क्या है मनी लॉन्ड्रिंग का मामला?
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला NIA द्वारा 2017 में दर्ज किए गए एक मामले के आधार पर सामने आया है।
NIA ने आरोप लगाया था कि जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) प्रमुख के तौर पर मलिक घाटी में आतंकवादी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल था और हवाला समेत अवैध चैनलों के माध्यम से धन जुटाने में लगा हुआ था।
NIA ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120B, 121 और 121A और UAPA की कई धाराएं लगाई थीं।
परिचय
कौन है यासीन मलिक?
मलिक जम्मू-कश्मीर का प्रमुख अलगाववादी नेता है। वह प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का अध्यक्ष रह चुका है।
उस पर जनवरी, 1990 में श्रीनगर के रावलपोरा में वायुसेना के 4 जवानों की हत्या का भी आरोप है।
मलिक फिलहाल जेल में है।
मई 2022 में NIA की विशेष अदालत ने उसे आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।