मुंबई: प्रदर्शन में बच्चों को ढाल बनाने पर NHRC सख्त, जांच शुरू
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मुंबई में हाल ही में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक विरोध प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों की कथित भागीदारी के बारे में एक शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग को यह चिंता है कि पुलिस कार्रवाई से बचने या उसे सीमित करने के लिए इन बच्चों की मौजूदगी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। यह कदम तब उठाया गया जब एक शिकायत में सोशल मीडिया पर सामने आई सामग्री का जिक्र किया गया। इस सामग्री में एक बच्चे को भीड़ के ऊपर उठाकर नारे लगाते हुए दिखाया गया था। NHRC अब यह जानना चाहता है कि क्या यह सब जानबूझकर किया गया था।
NHRC ने सबूत सुरक्षित रखने और बच्चों की सुरक्षा के निर्देश दिए
मुंबई पुलिस, मुंबई के पुलिस आयुक्त, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को संबंधित डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को यह जांच करनी है कि क्या इसमें वयस्कों की कोई भूमिका थी या किशोर न्याय अधिनियम के तहत कोई कानून तोड़ा गया था। इसी बीच महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग से कहा गया है कि वे बच्चों को सुरक्षित रखें और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करें। एक हफ्ते के भीतर सभी अपडेट की जानकारी देनी होगी, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों की पहचान गोपनीय रखी जाए।