NHAI का शिकंजा, एंबुलेंस लेट हुई तो लगेगा 10,000 रुपये का जुर्माना
NHAI ने हाईवे पर एंबुलेंस के लिए नए और सख्त नियम लागू करने का ऐलान किया है। इन नियमों के मुताबिक, अगर कोई एंबुलेंस टोल बूथ से 10 किलोमीटर के दायरे में हुए हादसे तक पहुंचने में 10 मिनट से ज्यादा समय लेती है, तो उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
इतना ही नहीं, पीड़ितों को पास के अस्पताल तक पहुंचाने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा, तो भी 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इन सख्त नियमों का मकसद यह है कि जरूरत के समय लोगों को तुरंत मदद मिल सके।
एंबुलेंस के लिए 2 मिनट में डिस्पैच का नियम
ज्यादा दूर के हादसों के लिए, एंबुलेंस के पहुंचने का समय दूरी पर निर्भर करेगा। अब इमरजेंसी टिकट स्वीकार होने के 2 मिनट के अंदर एबुलेंस को निकलना ही होगा, नहीं तो इंतजार करने के हर एक मिनट के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। अगर एंबुलेंस का GPS काम नहीं कर रहा है या उसे ट्रैक नहीं किया जा सकता, तो हर दिन 2,500 रुपये का अलग से जुर्माना लगेगा।
अगर ऑन-रोड यूनिट कोई इमरजेंसी टिकट मना करती है, तो उस पर भी 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इतना ही नहीं, अगर एंबुलेंस में जरूरी उपकरण, दवाइयां या स्टाफ जरूरत के हिसाब से कम या उपलब्ध नहीं पाए गए, तो भी जुर्माना लग सकता है। अब रोजाना मॉक ड्रिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, हर 24 घंटे में एंबुलेंस को कम से कम 5 किलोमीटर चलना जरूरी होगा, बशर्ते वह किसी दुर्घटना में शामिल न हो या उसने उस दिन 5 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय न कर ली हो।