भारत-चीन में 2 नई हॉटलाइन स्थापित होंगी, सीमा विवाद समेत 8 बिंदुओं पर बनी सहमति
क्या है खबर?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की है। इस दौरान दोनों देशों ने सीमा विवाद सुलझाने की दिशा में ठोस नतीजे हासिल करने के लिए वार्ता आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने संयुक्त बयान में कहा कि वार्ता के दौरान दोनों देश 8 बिंदुओं को लेकर सहमति पर पहुंचे हैं। विदेश मंत्रालय बताया कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर विस्तार से चर्चा हुई।
बयान
दोनों पक्ष चर्चा तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत
बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा मुद्दे के समाधान के लिए 2005 में किए गए समझौते और विशेष प्रतिनिधियों की वार्ताओं में बनी सहमति के अनुरूप सीमा मुद्दे के समाधान पर बातचीत आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) के तहत सीमांकन संबंधी विशेषज्ञ समूह सीमांकन को लेकर शीघ्र एवं ठोस नतीजे हासिल करने के लिए सीमा प्रबंधन पर चर्चा को आगे बढ़ाएंगे।"
मुद्दे
इन 8 मुद्दों पर बनी सहमति
सीमा निर्धारण के जल्द और ठोस नतीजे पाने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाना।
सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए और अधिक बैठक स्थल और हॉटलाइन स्थापित करना।
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के बारे में समझ को बेहतर बनाना।
राजनयिक व सैन्य बातचीत के माध्यम से जमीनी स्थिति को संबोधित करना।
सीमा पार व्यापार को बढ़ावा देना।
नदियों पर सहयोग का विस्तार करना।
सैन्य हॉटलाइन के 2 और चैनल बनाना।
दोनों देशों की तरफ से सहयोग बढ़ाने पर चर्चा।
व्यापार
व्यापार और तीर्थयात्रा बढ़ाने पर भी दोनों देश सहमत
बयान में कहा गया, "भारत ने चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर यात्रा के जत्थों की संख्या बढ़ाने के लिए चीन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। दोनों पक्षों ने 3 सीमा व्यापार केंद्रों को फिर से खोले जाने की सराहना की। दोनों पक्ष सीमा व्यापार, तीर्थयात्रा और अन्य क्षेत्रों में आदान-प्रदान एवं सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में संवाद, शांति, परामर्श और सहयोग का माहौल बनाने के लिए मिलकर काम किया जा सके।"
सीमा विवाद
सीमा विवाद सुलझाने को लेकर क्या हुई चर्चा?
भारत-चीन में इस बात पर सहमति बनी कि सीमा तय करने विशेषज्ञ समूह बात करेंगे। WMCC के तहत क्रमशः सीमा तय करने और सीमा प्रबंधन पर 'जल्द और ठोस नतीजे' हासिल करने की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाएंगे।
दोनों पक्षों ने इस पर भी सहमति जताई कि जमीनी स्तर पर किसी भी स्थिति से मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए तुरंत निपटा जाएगा।
दोनों पक्षों ने सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर भी प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता
अगले महीने भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग
दोनों देशों के बीच स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता का 26वां दौर 2027 में भारत में होगा।
दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 'राजनीतिक मापदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों' पर 2005 के समझौते और उसके बाद हुई विशेष प्रतिनिधि वार्ता में बनी सहमति के आधार पर, सीमा विवाद के समाधान के लिए एक रूपरेखा पर बातचीत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ये चर्चा ऐसे वक्त हुई है, जब अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आ सकते हैं।