23 दिन की भूख हड़ताल के बाद नेहा बोरा का बड़ा कदम, गिरफ्तार सैकड़ों छात्रों से की मुलाकात
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष और जयनारायण विश्वविद्यालय (JNU) की PhD स्कॉलर नेहा बोरा जुलाई में खत्म हुई 23 दिन की भूख हड़ताल के बाद अब स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। उन्होंने NEET विवाद को लेकर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। हालांकि, वे अभी भी अपनी सेहत सुधार रही थीं। इस बीच बोरा बिहार पहुंचीं और 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए 600 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
नेहा बोरा ने जंतर मंतर की हिंसा का ब्यौरा दिया
बोरा ने उन गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने पर जोर दिया, जिनमें से कुछ पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई कैसे हिंसक हो गई, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके बावजूद, उनका कहना था कि उनके आंदोलन को जनता का समर्थन और भी मजबूत हुआ है। निजी जिंदगी के बारे में बताते हुए बोरा ने कहा कि अब उनकी मां समझती हैं कि वह विरोध प्रदर्शन क्यों करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां लंबे समय से उनके राजनीतिक विचारों से असहमत थीं।