Loading...
NEET-UG का पेपर कैसे लीक हुआ? CBI ने चार्जशीट में बताई NTA विशेषज्ञों की करतूत
CBI ने NEET-UG पेपर लीक मामले में चार्जशीट दायर की है

NEET-UG का पेपर कैसे लीक हुआ? CBI ने चार्जशीट में बताई NTA विशेषज्ञों की करतूत

लेखन आबिद खान
Aug 07, 2026
11:58 am

क्या है खबर?

NEET-UG 2026 के पेपर लीक को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कथित चार्जशीट सामने आई है। इसके हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट में पेपर लीक के पूरे गिरोह और उसकी कार्यप्रणाली का खुलासा किया गया है। CBI ने कहा है कि पेपर लीक होना एक 'सुनियोजित बहु-राज्यीय आपराधिक साजिश' का परिणाम था, जिसमें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञ, कोचिंग संचालक, दलाल और उम्मीदवार भी शामिल थे।

रिपोर्ट

CBI की चार्जशीट में 13 आरोपियों के नाम

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, CBI ने चार्जशीट में 13 आरोपियों का नाम लिया है और दावा किया है कि पेपर लीक की योजना परीक्षा से महीनों पहले सावधानीपूर्वक तरीके से बनाई गई थी।

इसमें NTA द्वारा नियुक्त किए गए बायोलॉजी, केमेस्ट्री और फीजिक्स के विशेषज्ञों की भूमिका सबसे अहम थी, जिन्होंने गोपनीय अनुवाद, और प्रूफरीडिंग का काम किया था।

इन्होंने प्रश्नों को रट लिया था, नोट्स बना लिए थे या तस्वीरों के जरिए आगे पहुंचाए थे।

NTA

NTA के 3 विशेषत्र पेपर लीक गिरोह के सरगना

चार्जशीट में NTA विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और मनीषा हवलदार को पेपर लीक का मुख्य स्रोत बताया गया है।

कुलकर्णी केमेस्ट्री के, मंधारे बायोलॉजी के और हवलदार फीजिक्स के विशेषज्ञ थे। इन तीनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

CBI के अनुसार, कुलकर्णी और मंधारे ने पुणे स्थित अपने आवासों पर विशेष कक्षाओं का आयोजन किया। इसमें छात्रों को प्रश्न, बहुविकल्पीय विकल्प और सही उत्तर बताए। छात्रों ने ये प्रश्न अपनी कॉपियों में लिख लिए।

ADVERTISEMENT

राज्य

कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

CBI के अनुसार, नासिक निवासी शुभम खैरनार ने गुरुग्राम निवासी यश यादव से संपर्क किया। फिर प्रश्न पत्रों को PDF फाइलों में टेलीग्राम के माध्यम से यादव को भेजा गया।

यादव ने इन फाइलों को जयपुर में रहने वाले मांगीलाल बिवाल को 12 लाख रुपये में बेच दिया।

इसके बाद बिवाल ने इन फाइलों की प्रिंट निकाली और उन्हें उम्मीदवारों के परिवार के सदस्यों, स्थानीय कोचिंग केंद्रों से जुड़े उम्मीदवारों और कोचिंग संचालकों को बांट दिया।

ADVERTISEMENT

बड़ी बातें

चार्जशीट की बड़ी बातें

CBI के अनुसार, आरोपियों के बीच 2025 के अंत और 2026 के शुरुआती दिनों में अहम बातचीत हुई, जिससे संकेत मिलता है कि साजिश की योजना काफी पहले बनाई गई थी।

कुलकर्णी और मंधारे ने लातूर के सिद्धिविनायक अस्पताल में विशेष कक्षाएं आयोजित कीं, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को सवाल बताए गए।

CBI को हस्तलिखित नोट्स, खाली चेक और कई डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।

CBI ने NTA की कार्यप्रणली में भी कई खामियों को उजागर किया है।

छापे

CBI ने 92 जगहों पर मारे छापे 

CBI ने चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक वस्तुओं का हवाला दिया है। चार्जशीट में शामिल सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

CBI ने बताया कि उसने 12 मई को FIR दर्ज की और 72 अधिकारियों और 8 साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की कई टीमें बनाईं।

महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में 92 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

20,000 पन्नों की ये चार्जशीट दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर की गई है।

ADVERTISEMENT