उत्तर प्रदेश वाहन स्क्रैपिंग अभियान में सबसे आगे, 1.97 लाख वाहनों का किया निस्तारण
उत्तर प्रदेश देश के वाहन स्क्रैपिंग अभियान में सबसे आगे चल रहा है। जुलाई 2026 तक यहां 1.97 लाख से ज्यादा गाड़ियां स्क्रैप की गई हैं, जो पूरे देश में स्क्रैप हुए वाहनों का लगभग आधा हिस्सा है। इस अभियान का मकसद पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाना है, ताकि सड़कें ज्यादा सुरक्षित हों और रीसाइक्लिंग के साथ टिकाऊपन को बढ़ावा मिल सके।
उत्तर प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग के 92 केंद्र
उत्तर प्रदेश में कुल 92 लाइसेंस वाले स्क्रैपिंग सेंटर हैं, जिनमें से 51 चालू हो चुके हैं। इन सेंटरों के जरिये लोग अपनी पुरानी गाड़ियों को जिम्मेदारी से स्क्रैप कर सकते हैं, उन्हें किसी भी कबाड़ी वाले के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जो लोग अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करवाकर 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' लेते हैं, उन्हें नई गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में छूट मिलेगी। प्राइवेट गाड़ियों पर 15 प्रतिशत तक और व्यावसायिक वाहनों पर 10 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इतना ही नहीं, NCR में अगर कोई पुरानी बस या ट्रक बदलवाता है, तो उसे 10 साल तक रोड टैक्स में पूरी छूट मिल सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार की 'परिवर्तन योजना' मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे जिलों में BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे साफ-सुथरे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है।