नाशिक BPO में महिला पर यौन उत्पीड़न-धर्म परिवर्तन का गंभीर आरोप, HR भी सवालों के घेरे में, 7 गिरफ्तार
नाशिक में टीसीएस से जुड़े एक बीपीओ में काम करने वाली एक महिला ने अपने सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि कंपनी की एचआर हेड, अश्विनी चैनानी, ने उसे औपचारिक शिकायत दर्ज न करने की सलाह दी थी। इस मामले में अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है।
पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग उत्पीड़न के दावों की जांच कर रहे हैं
पीड़िता ने बताया कि उसे परेशान करने का सिलसिला मई 2023 में उसकी नौकरी की शुरुआत (इंडक्शन) के दौरान ही शुरू हो गया था और वक्त के साथ यह बढ़ता चला गया। जब भी उसने शिकायत की, तो उसे केवल अकेले न रहने की सलाह दी गई और उसकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नवंबर 2025 में उसकी शादी होने के बाद हालात और खराब हो गए। इसमें शामिल लोगों ने उसे आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ-साथ जानबूझकर अतिरिक्त काम का बोझ भी दिया। अब पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) भी इन आरोपों की जांच कर रहा है, खासकर इस बात को लेकर कि अश्विनी चैनानी ने उसकी शिकायतों को अनदेखा कर दिया था।