प्रधानमंत्री मोदी का 'ग्रीन' फॉर्मूला, भारत ने दुनिया को बताया जलवायु संकट से निपटने का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत की जलवायु कार्रवाई को लेकर अपना रुख और मजबूत किया। उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी, साफ़ परिवहन और जल संरक्षण की तेज वृद्धि का जिक्र किया, जो इस बात की मिसाल है कि किस तरह आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन फुटप्रिंट पहले से ही विश्व औसत से कम है, जो उनके हिसाब से इस बात का सबूत है कि भारत अब जलवायु चुनौतियों का हल दे रहा है।
भारत ने पेरिस समझौते के साफ बिजली लक्ष्य को 5 साल पहले ही हासिल कर लिया
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के जलवायु प्रयासों को प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीने की सदियों पुरानी संस्कृति से जोड़ा और कहा कि आज के प्रयास इसी पुरानी परंपरा का नया रूप हैं।
उन्होंने बताया कि सोलर पावर का उत्पादन पिछले 12 सालों में मात्र 2 गीगावॉट से छलांग लगाकर 160 गीगावॉट से ज्यादा हो गया है, जिससे लगभग 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन होने से रोका जा सका है।
इसके अलावा, भारत ने साफ बिजली को लेकर पेरिस समझौते का लक्ष्य पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है, जो यह साबित करता है कि वह वैश्विक जलवायु लक्ष्यों पर अपनी बातें जमीनी हकीकत में बदल सकता है।