प्रधानमंत्री मोदी ने नौसेना को दी बड़ी ताकत, युद्धपोत निर्माण पर खर्च होंगे 70,000 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर 3 भारतीय नौसेना के जहाजों को कमीशन किया। इनमें स्टील्थ फ्रिगेट INS दुनागिरी, सर्वे शिप INS संशोधक और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट INS अग्रय शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश की समुद्री ताकत को बढ़ाना सुरक्षा और आर्थिक विकास, दोनों के लिए ही बहुत अहम है।
युद्धपोत निर्माण पर 70,000 करोड़ रुपये के निवेश का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि देश में इन जहाजों को बनाना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए हमारी प्रतिबद्धता को साफ दिखाता है। उन्होंने इस प्रगति को शिपबिल्डिंग को बढ़ावा देने के लिए किए गए 70,000 करोड़ रुपये के निवेश से जोड़ा। ये नए जहाज नौसेना द्वारा ही डिजाइन किए गए हैं और इनमें 75 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, जिसमें 200 से अधिक MSMEs ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने INS विक्रांत जैसे बड़े पड़ावों का भी जिक्र किया और कहा कि इससे साबित होता है कि भारत अब विश्व स्तरीय नौसेना ताकत बनाने में सक्षम है।