मोदी-पुतिन का 100 अरब डॉलर का लक्ष्य: व्यापार के साथ सांस्कृतिक समझ ही बनेगी असली बुनियाद?
भारत और रूस ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है: 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने जुलाई 2024 में मॉस्को में हुई 22वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता के दौरान यह लक्ष्य तय किया।
मौजूदा समय में दोनों देशों का व्यापार पिछले वित्तीय वर्ष के 68.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से घटकर 59.86 अरब डॉलर पर आ गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देश टैरिफ, लॉजिस्टिक्स और पेमेंट सिस्टम जैसी चुनौतियों को सुलझाने पर काम कर रहे हैं।
ग्लोबल इंपैक्ट फोरम ने सांस्कृतिक समझ पर जोर दिया
आपसी रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए, 5-6 सितंबर को मुंबई में ग्लोबल इंपैक्ट फोरम होने वाला है। इस फोरम का मुख्य मकसद है सच्ची बातचीत शुरू करना, जहां बिजनेस, सरकार और शिक्षा जगत के बड़े नेता एक साथ आकर निवेश, उद्यमिता और ग्लोबल सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
AP ग्लोबल की डायरेक्टर जान्हवी पवार का कहना है कि अगर हम देशों के बीच लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी चाहते हैं, तो एक-दूसरे की संस्कृति को समझना सिर्फ समझौतों पर दस्तखत करने जितना ही जरूरी है।