नंदीग्राम उपचुनाव: कलकत्ता हाई कोर्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को मिली अंतरिम राहत की खारिज
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को एकल पीठ से मिली अंतरिम राहत को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और आपराधिक मामलों में किसी प्रत्याशी को अंतरिम राहत देने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।
फैसला
खंडपीठ ने क्यों पलटा एकल पीठ का फैसला?
इस अदालती आदेश के बाद प्रधान को कोंताई कोर्ट द्वारा दी गई 7 अक्टूबर तक की न्यायिक हिरासत (जेल) प्रभावी रहेगी। वह मतदान तक जेल में ही रहेंगे।
इससे पहले गुरुवार को जस्टिस भट्टाचार्य की एकल पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वह मिलन प्रधान के खिलाफ 12 अक्टूबर तक कोई कड़ा दंडात्मक कदम न उठाए।
पीठ ने आश्चर्य भी जताया था कि 2007 के पुराने मामले में ऐन चुनाव से पहले पुलिस अचानक इतनी सक्रिय क्यों हुई।
टिप्पणी
हाई कोर्ट ने क्या की टिप्पणी?
हालांकि, राज्य सरकार द्वारा इस आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद मुख्य न्यायाधीश घुगे और जस्टिस ओम नारायण राय की खंडपीठ ने इस राहत को रद्द करते हुए कहा, "कानून सभी के लिए समान है और आपराधिक कानून में किसी आरोपी को ऐसी अंतरिम सुरक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है। आरोपी को गिरफ्तारी के बाद नियमित जमानत मांगने की स्वतंत्रता है और यदि गिरफ्तारी की आशंका हो, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।"
गिरफ्तारी
प्रधान को क्यों किया गया था गिरफ्तार?
प्रधान को मेदिनीपुर जिला पुलिस ने 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था। उन पर खेजुरी पुलिस थाने में दर्ज (मामला संख्या 45/2007) के तहत हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लागू हैं।
यह पूरा आपराधिक मामला वर्ष 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए प्रसिद्ध ऐतिहासिक हिंसक आंदोलन से जुड़ा हुआ है, जिसका नेतृत्व उस समय तत्कालीन विपक्षी नेता ममता बनर्जी ने किया था।
प्रधान के खिलाफ नंदीग्राम और खेजुरी थानों में कई मामले दर्ज थे।
प्रभाव
चुनावी अभियान पर पड़ेगा उल्टा असर
नंदीग्राम में प्रचार अभियान 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा और 6 अक्टूबर को मतदान होना है।
मुख्यमंत्री बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े ने पहले ही इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रधान को अपना खुला सांगठनिक समर्थन देने की घोषणा की हुई है।
ऐसे में प्रत्याशी के चुनाव प्रचार के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिनों में जेल में बंद रहने के कारण कांग्रेस-TMC गठबंधन के जमीनी अभियान को एक बहुत बड़ी व्यावहारिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।