नागालैंड में योग दिवस पर धार्मिक विरोध, अब 22 जून को
नागालैंड सरकार ने छात्र संगठनों, जनजातीय परिषदों और चर्च नेताओं के कड़े विरोध का सामना करने के बाद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 21 जून की बजाय 22 जून को मनाने का फैसला किया है। दरअसल, पहले यह कार्यक्रम 21 जून के लिए तय था, लेकिन लोगों का मानना था कि इससे रविवार की प्रार्थना में रुकावट आती और यह उनके संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन होता।
नागालैंड स्कूल शिक्षा विभाग ने योग का समय बदला
नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने स्कूलों में योग दिवस मनाने के निर्देश को धार्मिक भावनाओं का अनादर बताया था। वहीं, जनजातीय संगठनों का कहना था कि योग को अनिवार्य किए जाने में धार्मिकता दिखी। चर्च नेताओं ने भी कहा कि योग ईसाई मान्यताओं के अनुकूल नहीं है। इन सब विरोधों के जवाब में, स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरे नागालैंड के स्कूलों में यह कार्यक्रम अब 22 जून को आयोजित करने का फैसला किया।
केंद्रीय निकाय और बल 21 जून को ही मनाते रहे
राज्य सरकार ने भले ही अपने आधिकारिक कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया हो, लेकिन कुछ केंद्रीय सरकारी निकायों और सुरक्षा बलों ने 21 जून को ही इसमें हिस्सा लिया और पूरे देश के साथ इसे मनाया।