गुजरात के गरबा से मुस्लिमों को बाहर करने पर मचा बवाल, जांच में जुटी पुलिस
गुजरात में नवरात्रि के त्योहार के दौरान कुछ गरबा आयोजनों में मुस्लिम समुदाय के लोगों को बाहर जाने के लिए कहा गया है, जिसके बाद से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इससे पहले सितंबर में सूरत के रासलोक नवरात्रि आयोजन में भी ऐसा ही विवाद हुआ था, जहां आयोजकों ने मुस्लिमों को अंदर आने की अनुमति नहीं दी थी। अहमदाबाद के रंग मोरलो में 14 अक्टूबर को एक घटना सामने आई। वहां एक एंकर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) हिंदुओं की सुरक्षा के लिए आई है। बाद में एंकर ने साफ किया कि वह आयोजकों के कहने पर यह बात कह रहा था। इस तरह की घोषणाओं के बाद काफी विरोध हुआ। मशहूर लोक गायक आदित्य गढ़वी ने भी इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर इस घटना से खुद को अलग कर लिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
वडोदरा में VHP का मुस्लिम कर्मचारी से टकराव
मामला तब और बढ़ गया जब 16 अक्टूबर को वडोदरा के एक गरबा कार्यक्रम में VHP के सदस्यों ने एक मुस्लिम कर्मचारी का विरोध किया। पूरे गुजरात में ऐसी कई और घटनाएं सामने आई हैं। कुछ जगहों पर आयोजकों ने मुस्लिमों को गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने या वहां काम करने से रोक दिया है। यह तब हो रहा है, जब गरबा को UNESCO ने ऐसी परंपरा माना है जो अलग-अलग समुदायों को आपस में जोड़ती है। इन घटनाओं से समाज में बढ़ती दूरियों और सांप्रदायिक सौहार्द के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। खासकर ऐसे त्योहार के समय, जब इसे खुशियों भरा और सबको साथ लेकर चलने वाला माना जाता है।