मुंबई के ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों पर भाषा का इम्तेहान, क्या 15 अगस्त तक सीख पाएंगे मराठी?
मुंबई के ऑटो और टैक्सी ड्राइवर नई शर्त लागू होने से पहले फटाफट थोड़ी-बहुत मराठी सीख रहे हैं। इस नियम के तहत, 15 अगस्त, 2026 तक सभी ड्राइवरों के लिए मराठी जानना जरूरी होगा। राज्य सरकार चाहती है कि कमर्शियल और पब्लिक सर्विस वाहन चलाने वाले लोग, जैसे ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवर, आसानी से मराठी बोल सकें।
इसी वजह से पूरे शहर में, साकी नाका समेत कई जगहों पर, मराठी सिखाने के क्रैश कोर्स चल रहे हैं।
साकी नाका में ड्राइवरों का हो रहा टेस्ट
साकी नाका में अब तक 350 से ज्यादा ड्राइवरों ने छोटे-छोटे टेस्ट दिए हैं। वे "कुठे जायचं आहे?" (कहां जाना है?) जैसे वाक्य बोलने का अभ्यास कर रहे हैं।
मुंबई में कई सालों से काम कर रहे कुछ पुराने ड्राइवरों के लिए यह आसान रहा, लेकिन कुछ को मुश्किल हुई और उनसे दोबारा कोशिश करने को कहा गया। स्वयंसेवक वहां मौजूद हैं ताकि समय रहते सभी ड्राइवरों को मराठी की बुनियादी बातें अच्छी तरह समझ आ जाएं।