Loading...
मुंबई में मराठी भाषा के नियम के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे कैब चालक
मुंबई में मराठी भाषा के नियम के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे कैब चालक

मुंबई में मराठी भाषा के नियम के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे कैब चालक

लेखन गजेंद्र
Aug 25, 2026
05:59 pm

क्या है खबर?

महाराष्ट्र में मुंबई समेत कई जिलों में कैब और टैक्सी चालकों को अनिवार्य तौर पर मराठी भाषा सीखने को कहा गया है, जिसके खिलाफ कैब चालक बॉम्बे हाई कोर्ट चले गए हैं। मोबाइल कैब एग्रीगेटर ऐप का उपयोग करके कैब चलाने वाले 4 कैब ड्राइवरों ने महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। अधिवक्ता विवेक शुक्ला के जरिए दायर याचिका पर तत्काल निर्देश प्राप्त करने के लिए 27 अगस्त को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनवाई करेंगे।

याचिका

कैब चालकों ने याचिका में क्या कहा है?

चालकों की याचिका में तर्क है कि मराठी भाषा का नियम संविधान के अनुच्छेद-14 (समानता का अधिकार), 19 (व्यापार को जारी रखने की स्वतंत्रता) और 21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन करता है।

नियम को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का भी उल्लंघन बताया गया, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किसी भाषा की आवश्यकता नहीं है।

याचिका में आदेश रोकने की मांग करते हुए कहा गया कि नियम लागू होने से 9.65 लाख गरीब चालकों की आजीविका खतरे में आएगी।

आदेश

क्या है महाराष्ट्र सरकार का फैसला?

महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन करके सभी ऑटो-टैक्सी, कैब चालकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया है।

पहले चालकों को 3 महीने की छूट दी थी, ताकि वे मराठी सीख सकें। इसकी अवधि 15 अगस्त को समाप्त होने के बाद, 20 अगस्त से प्रवर्तन अधिकारियों ने जांच अभियान शुरू किया है और नोटिस जारी किए हैं।

इसके खिलाफ, चालकों ने मुंबई में 24 अगस्त से 3 दिवसीय हड़ताल शुरू की है।

ADVERTISEMENT