पश्चिम एशिया पर सांसदों ने जयशंकर को घेरा, 'ईरान चुप्पी' और 'इजरायल झुकाव' पर पूछे सवाल
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को संसद के भीतर हुई एक बंद कमरे की बैठक में नेताओं के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। यह बैठक पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के रिश्तों और उसकी नीति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।
सांसदों की सबसे बड़ी चिंता इस साल की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमेनेई से जुड़े घटनाक्रमों पर भारत की चुप्पी थी। कुछ सदस्यों ने यह भी महसूस किया कि भारत सरकार इजरायल के ज्यादा करीब दिख रही है। इसके अलावा, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हाल ही में हुए रक्षा समझौते को लेकर भी चिंता जताई गई।
जयशंकर ने भारत की पश्चिम एशिया नीति का बचाव किया
इसके जवाब में जयशंकर ने कहा कि भारत की विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना और पश्चिम एशिया के सभी देशों के साथ अपने संबंध बनाए रखना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को इस क्षेत्र के सभी प्रमुख देशों के साथ समन्वय बनाकर चलना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में संतुलन बनाए रखना भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है, और इसी विचार के साथ भारत अपनी विदेश नीति चलाता है।