
झारखंड: कोरोना वायरस के कारण मां और चार बेटों की मौत, पांचवां कैंसर से हारा जंग
क्या है खबर?
कोरोना वायरस संकट के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। झारखंड में इसका एक दर्दनाक उदाहरण सामने आया है।
यहां कोरोना संक्रमित महिला की अर्थी को कंधा देने वाले उसके चार बेटे पहले संक्रमित हुए और बाद में उनकी मौत हो गई।
महज 15 दिन के भीतर एक ही परिवार के पांच लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत होने के कारण आसपास के लोग सदमे में हैं।
आइये पूरी खबर जानते हैं।
मामला
दिल्ली से धनबाद आई थी महिला
मामला झारखंड के धनबाद का है। यहां एक व्यापारी परिवार में सबसे पहले 89 वर्षीय महिला कोरोना पॉजीटिव पाई गई थी।
दरअसल, यह महिला अपने सबसे छोटे बेटे के साथ दिल्ली में रहती थी। वहां से 27 जून को परिवार में होने वाली एक शादी में हिस्सा लेने के लिए वह धनबाद आई थी।
शादी समारोह से पहले ही महिला में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने लगे। इसके बाद महिला को बोकारो जिले के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लापरवाही
महिला के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था परिवार
4 जुलाई को महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। उस समय तक महिला की कोरोना वायरस टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई थी।
परिवार ने बिना कोई सावधानी बरतते हुए हिंदू रीति-रिवाजों के तहत महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।
तीन दिन बाद रिपोर्ट में महिला के कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। चार दिन बाद 8 जुलाई को महिला के 69 वर्षीय बेटे में संक्रमण की पुष्टि हुई और 11 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
मामला
कुछ ही घंटों के अंतराल पर हुई बेटों की मौत
उसकी मौत के कुछ घंटे पहले ही उसके एक और 65 वर्षीय भाई को क्वारंटाइन सेंटर से छाती में दर्द होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। 12 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
उसी दिन शाम को महिला के 72 वर्षीय बेटे में संक्रमण की पुष्टि के बाद मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने संक्रमण फैलने के डर से शवों के अंतिम संस्कार से पहले विरोध जताना शुरू कर दिया।
बाद में प्रशासन ने उनका अंतिम संस्कार किया।
दुख
कोरोना से मरे चार बेटे, एक की कैंसर से मौत
परिवार में कोरोना वायरस से अंतिम मौत सोमवार को हुई, जब महिला के 71 वर्षीय बेटे की रांची के राजेंद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस (RIMS) के ICU में मौत हो गई।
इस तरह महिला के अलावा उसके चार बेटे कोरोना की वजह से मौत के मुंह में समा गए।
परिवार का दुख यहीं समाप्त नहीं हुआ। 19 जुलाई को महिला का पांचवां बेटा जमशेदपुर के टाटा अस्पताल में कैंसर से जंग हार गया।
मामला
महिला की सात संतानों में से दो बचीं
महिला की सात संतानों में से अब एक बेटा और एक बेटी बची है। महिला का सबसे छोटा बेटा दिल्ली में उसके साथ रहता था और बेटी कोलकाता में रहती थी।
महिला के रिश्तेदारों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अलग-अलग जगहों पर रहने वाला परिवार एक साथ एक ही जगह एक ही महामारी का शिकार बनकर दम तोड़ देगा।
कुछ दिन पहले तक शादी की खुशियां मना रहे परिवार में आज मातम पसरा हुआ है।
कोरोना वायरस
झारखंड और देश में कुल कितने मामले?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, झारखंड में अब तक कोरोना वायरस के कुल 6,159 मामले सामने आए हैं। इनमें से 3,200 सक्रिय मामले हैं, 2,904 मरीज ठीक हुए हैं और 55 की मौत हो चुकी है।
वहीं पूरे देश की बात करें तो संक्रमितों की संख्या तेजी से 12 लाख की तरफ बढ़ रही है। बुधवार सुबह तक देशभर में 11,92,915 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 28,732 लोगों की मौत हुई है।