बिजली की कोई टेंशन नहीं, भारत के पावर प्लांटों में 1.8 करोड़ टन से ज्यादा कोयला
भारत के बिजली घरों में कोयले का भंडार सितंबर के आखिर से लगातार मजबूत बना हुआ है। यह 1.8 करोड़ टन (18 MT) से ज्यादा बना हुआ है।
सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि जिन बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी हो रही है, वहां जल्द से जल्द कोयला पहुंचाया जाए। इससे यह पक्का हो रहा है कि देश के हर घर में बिजली की रोशनी लगातार बनी रहे।
भारत में कोयले की सप्लाई, हर दिन औसतन 469 रैक की डिलीवरी
अक्टूबर महीने में कोयले के स्टॉक में कमी आने की रफ्तार पिछले महीने के मुकाबले काफी धीमी हुई है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि कोयले के रैक में ज्यादा लोडिंग की जा रही है। साथ ही, हर दिन कोयले की डिलीवरी में भी 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
अब रोज औसतन 469 रैक कोयले की सप्लाई हो रही है। इस वजह से, ज्यादातर दिनों में कोयले की आपूर्ति तय लक्ष्यों से भी ज्यादा हो रही है।
कोयला मंत्रालय और उससे जुड़े भागीदार (पार्टनर्स) कह रहे हैं कि वे सब कुछ सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, ताकि देश में कोयले की कोई अचानक कमी न हो।