जून में टूटा सूखे का 100 साल का रिकॉर्ड, अब फसलों का क्या होगा?
भारत का दक्षिण-पश्चिम मानसून अब जाकर कुछ सक्रिय होता दिख रहा है। मुंबई और दक्षिण गुजरात के कुछ इलाकों में बारिश शुरू हो चुकी है। फिर भी जून 2026 एक सदी से भी ज्यादा समय का सबसे सूखा जून बनता दिख रहा है। पूरे देश में सामान्य से बहुत कम बारिश होने के कारण फसलों और पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, 4 से 22 जून के बीच देश में सिर्फ 53.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य बारिश का लगभग 54 प्रतिशत ही हिस्सा है।
बारिश की कमी से किसानों की बढ़ी चिंता
महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य इस कमी का सबसे ज्यादा असर झेल रहे हैं, जहां सामान्य से 80 प्रतिशत से भी अधिक कम बारिश हुई है। मध्य प्रदेश में भी 58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ और झारखंड को भी अपनी अपेक्षित बारिश का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा नहीं मिल पाया है। कमजोर मानसूनी सिस्टम के कारण बुवाई के अहम हफ्तों में कई इलाकों में आसमान साफ रहा और बादल नहीं छाए। ऐसे में किसान अब बस लगातार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे अपनी खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर सकें।