दिल्ली की सड़कों पर गड्ढों का 'महासागर', PWD मरम्मत भी बेअसर
इस मानसून में दिल्ली की सड़कों का हाल बेहाल है। कई अहम रास्तों पर गड्ढे और दरारें साफ दिख रही हैं, खासकर मथुरा रोड पर अपोलो अस्पताल के पास और सरिता विहार के इर्द-गिर्द के व्यस्त इलाकों में तो हालत और भी खराब है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपनी देखरेख वाली करीब 1,400 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत के लिए कई बार अभियान चलाए हैं। अब विभाग ने और मरम्मत के लिए नए टेंडर भी जारी किए हैं।
विशेषज्ञों ने बताई वजह
आखिर सड़कों का यह हाल क्यों हुआ है? विशेषज्ञ इसकी वजह दिल्ली के 1978 के पुराने स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज सिस्टम को मानते हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च के एस. वेलमुरुगन बताते हैं, "जब पानी बिटुमिन सड़कों पर जमा हो जाता है, तो वह अंदर रिसकर उन्हें कमजोर कर देता है।"
कांक्रीट की सड़कें ऐसी स्थिति में ज्यादा मजबूत रहती हैं, लेकिन अभी शहर में वे उतनी आम नहीं हैं। जब तक दिल्ली अपने ड्रेनेज सिस्टम को ठीक से अपग्रेड नहीं कर लेती, तब तक हर मानसून में यात्रियों को उबड़-खाबड़ रास्तों और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा।