एयर इंडिया में 10,000 करोड़ का नया निवेश करेगी टाटा संस
क्या है खबर?
टाटा संस के बोर्ड ने एयर इंडिया में 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए निवेश को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी गई है। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, एयर इंडिया को पैसा मांगने से पहले अपने कारोबार की जरूरत और योजना बतानी होगी। टाटा संस ने 2021 में एयर इंडिया को 18,000 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके बाद यह एयरलाइन के लिए कंपनी के बड़े निवेश में से एक होगा।
मंजूरी
बढ़ते घाटे के बीच मिली मंजूरी
एयर इंडिया में नए निवेश की मंजूरी ऐसे समय मिली है, जब एयरलाइन का घाटा लगातार बढ़ा है।
वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया का घाटा दोगुने से ज्यादा बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये हो गया। एयरलाइन इस समय कर्ज और दूसरी वित्तीय मदद पर काफी निर्भर है। उसके 11 कर्जदाताओं पर करीब 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।
इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का सबसे बड़ा हिस्सा 18,500 करोड़ रुपये है, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा का 5,938 करोड़ रुपये है।
सिंगापुर एयरलाइंस
सिंगापुर एयरलाइंस को भी डालने पड़ेंगे पैसे
टाटा संस के पास एयर इंडिया की 73.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस के पास 24.7 प्रतिशत हिस्सा है।
कर्मचारियों के पास SBI कैप ट्रस्टी कंपनी के जरिए करीब 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अगर एयर इंडिया में नई पूंजी डाली जाती है, तो सिंगापुर एयरलाइंस को अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए करीब 3,350 करोड़ रुपये का निवेश करना पड़ सकता है।
इससे कंपनी पर भी अतिरिक्त निवेश का दबाव बढ़ सकता है और उसकी लागत बढ़ेगी।
भविष्य
अब आगे क्या होगा?
टाटा संस की वित्त वर्ष 2026 की रिपोर्ट में एयर इंडिया में उसका निवेश 22,618 करोड़ रुपये रहा, जिससे पता चलता है कि उस साल नई इक्विटी नहीं डाली गई।
अब बोर्ड की नई मंजूरी से एयरलाइन को आगे पूंजी मिलने का रास्ता खुल सकता है। टाटा संस का बोर्ड 17 सितंबर को बैठक करेगा।
इससे पहले 11 सितंबर को टाटा ट्रस्ट्स की बैठक होनी है। दोनों संस्थाओं ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।