लगभग पूरे देश में छाया मानसून लेकिन क्यों नहीं हो रही बारिश, कब बरसेंगे बदरा?
क्या है खबर?
मानसून धीरे-धीरे लगभग पूरे देश में छा चुका है, लेकिन अभी तक ज्यादातर राज्य बारिश को तरस रहे हैं। खासतौर पर मध्य और उत्तर भारत के राज्यों में मानसून की बेरुखी देखने को मिल रही है। कई राज्यों में तो आज तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया है। पहले मानसून के आने में देरी और बारिश में लेटलतीफी ने किसानों समेत आम लोगों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। आइए इसकी वजह समझते हैं।
वजह
क्या है बारिश नहीं होने की वजह?
ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चल रहा है कि मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मानसूनी बादल छाए हुए हैं। वहीं, दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में आसमान काफी हद तक साफ है। इसका मतलब है कि मानसून उत्तर भारत की ओर बढ़ तो रहा है, लेकिन बारिश शुरू करने के लिए जरूरी मौसम प्रणालियां अभी तक इस क्षेत्र में विकसित नहीं हुई हैं।
बंगाल की खाड़ी
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव प्रणालियों की कमी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून में मौजूदा नरमी का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत निम्न दबाव प्रणालियों की कमी है। ये प्रणालियां भारी मात्रा में नमी को देश के अन्य हिस्सों में खींचकर मध्य और उत्तरी भारत में बारिश करवाने के लिए अहम है। इनके बिना नमी से भरी दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अपेक्षाकृत कमजोर रहती हैं, जिसके चलते तेज बारिश के बजाय छिटपुट बारिश होती है।
स्थिति
कब तक हो सकती है बारिश?
पूर्वानुमानों से संकेत मिल रहा है कि भूमध्य रेखा के उत्तर में पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक मौसम प्रणाली विकसित हो रही है। अगले 4-7 दिनों में इसके बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करने और मानसूनी हवाओं को मजबूत करने की संभावना है। इसकी गति के चलते बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है। ये दोनों मौसम प्रणालियां मानसून को बढ़ाने और मध्य, पश्चिमी और उत्तरी भारत को भिगोने में मददगार होगी।
जुलाई
जुलाई के पहले हफ्ते में राहत की उम्मीद
अगर पूर्वानुमान सही रहता है, तो जुलाई के पहले हफ्ते के दौरान तेज बारिश होने की उम्मीद है। इससे मानसून को दिल्ली-NCR सहित उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। हालांकि, जब तक मजबूत निम्न दबाव प्रणाली विकसित नहीं हो जाती और नमी को गंगा के मैदानों में गहराई तक नहीं पहुंचा देती, तब तक उत्तरी भारत के कई हिस्सों में गर्म और आर्द्र मौसम बना रहने की संभावना है।
गर्मी
6 राज्यों में पारा 40 डिग्री पार
कम से कम 6 राज्यों में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। हरियाणा का रोहतक 43.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के बांदा और आगरा में तापमान 43 डिर्गी, राजस्थान के श्रीगंगानगर में 42.1 डिग्री और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 41.8 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम
अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम?
28 जून को आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में तेज बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में गर्मी जारी रहेगी। 29 जून को छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरलम, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु में तेज हवा चल सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम गर्म ही रहने का अनुमान है।