असम-अरुणाचल में मानसून का तांडव: हजारों बेघर, सड़कें बहीं
अरुणाचल प्रदेश और असम में भारी मानसून की बारिश से भयंकर बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ ने अरुणाचल प्रदेश के 12 और असम के 5 जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अकेले असम में लगभग 45,000 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों को इस आपदा से उबरने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से पूरी सहायता देने का आश्वासन दिया है।
अरुणाचल के गांव अलग-थलग, धेमाजी में 41,000 लोग प्रभावित
अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ ने कई सड़कों और पुलों को बहा दिया है, जिसके चलते कई गांवों का संपर्क टूट गया है। इससे कुछ इलाकों में आवाजाही लगभग थम गई है। बचाव दलों ने अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। उन्होंने आपातकालीन राहत कैंप भी बनाए हैं और एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद कर दिया गया है। असम के धेमाजी जिले की बात करें तो, वहां नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे लगभग 41,000 लोग प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव पानी में डूब गए हैं और खेती-किसानी के साथ-साथ पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है। विस्थापित लोगों को राहत कैंपों में आसरा दिया गया है, जहां उन्हें चावल और तेल जैसी जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही हैं।