मोहन भागवत का विजयादशमी संदेश: विविधता ही भारत का असली DNA, संत रविदास से मिली सीख
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में RSS के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, "भारत विविधताओं का देश है; हमारी पारंपरिक पहचान इस विविधता को स्वीकार करना और उसकी रक्षा करना रही है।" उन्होंने संत रविदास का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने स्वधर्म निष्ठा, सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश फैलाया था।
भागवत ने संत रविदास को लचीलेपन का श्रेय दिया
भागवत ने मुश्किल समय में भारत के लचीलेपन पर बात की। इस दौरान उन्होंने संत रविदास का नाम लिया, जिन्होंने संकट के समय में समुदायों को मजबूत बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विविधता का देश है; हमारी पारंपरिक पहचान इस विविधता को स्वीकार करना और उसकी रक्षा करना रही है।