प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS को चेताया- तकनीक-खनिज पर एकाधिकार खतरनाक
BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर चिंता जताई कि किसी एक देश का प्रमुख तकनीकी संसाधनों पर नियंत्रण होना खतरनाक है। उनका इशारा चीन के क्रिटिकल मिनरल्स पर बढ़ते दबदबे की ओर था।
ये खास खनिज स्मार्टफोन से लेकर सोलर पैनल तक, हर चीज बनाने में काम आते हैं। मोदी ने तकनीक और खनिज दोनों के 'वेपनाइजेशन' के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। जब मोदी यह बात कह रहे थे, उस वक्त चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी हॉल में मौजूद थे।
चीन दुनिया के 90 प्रतिशत दुर्लभ खनिजों की प्रोसेसिंग करता है
दुनिया में दुर्लभ खनिजों की करीब 90 प्रतिशत प्रोसेसिंग चीन ही करता है, जिससे दूसरे देशों की चिंता बढ़ गई है। यह चिंता तब और गहरी हो गई जब अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के दौरान चीन ने इन खनिजों के निर्यात पर पाबंदियां बढ़ा दी थीं।
मोदी ने BRICS देशों से अपील की कि वे मिलकर काम करें और सुनिश्चित करें कि नई तकनीकें सभी देशों तक आसानी से पहुंचें। उनका साफ संदेश था: हमें सप्लाई चेन की समस्याओं से बचना होगा और यह तय करना होगा कि नई तकनीकें हर किसी के लिए उपलब्ध रहें।