मोदी और पोप ने AI को लेकर चेताया- इंसानों की मालिक न बन जाए तकनीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोप लियो XIV दोनों इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल नैतिक तरीके से हो और वह इंसानों के भले के लिए काम करे। दिल्ली में एक शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि AI को "इंसानियत की सेवा करनी चाहिए, उन्हें बदलना नहीं।"
वहीं, पोप लियो XIV ने चेतावनी दी कि AI का इस्तेमाल दूसरों पर हावी होने या उन्हें बाहर करने के लिए नहीं होना चाहिए। उनका संदेश साफ है कि तकनीक को सबके लिए सावधानी और सोच-समझकर बनाना बहुत जरूरी है।
नेताओं ने चेतावनी दी- AI से असमानता और बढ़ सकती है
दोनों नेता चाहते हैं कि AI का इस्तेमाल सिर्फ मुनाफे या ताकत बढ़ाने के लिए न हो, बल्कि लोगों की भलाई के लिए किया जाए। उन्हें चिंता है कि AI से अमीर-गरीब की खाई और गहरी हो सकती है या कुछ बड़ी कंपनियां सब कुछ अपने हाथ में ले सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने AI को मानव-केंद्रित और गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए दुनिया भर में नियम बनाने की मांग की है। वहीं, वेटिकन ने एल्गोरिदम बायस और लोगों को अलग-थलग करने जैसे खतरों की तरफ इशारा किया। साफ है, दुनिया के बड़े नेता ऐसी तकनीक चाहते हैं जो सबके साथ न्याय करे, जिसकी जवाबदेही तय हो और जिससे हर किसी को लाभ मिले।