गंगा जल संधि दिसंबर में हो रही खत्म, भारत-बांग्लादेश के बीच 54 नदियों के लिए क्यों है अहम?
देश
गंगा जल संधि 12 दिसंबर को समाप्त होने वाली है। ऐसे में भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर जोर दे रहा है कि संयुक्त नदी आयोग दोनों देशों के लिए कितना अहम है।
इस आयोग को एक 'सुनियोजित व्यवस्था' बताया जाता है, जो बड़े समझौतों की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत और बांग्लादेश के बीच जल-बंटवारे पर बातचीत को जारी रखने में मुख्य भूमिका निभाता है।
भारत और बांग्लादेश 54 नदियां साझा करते हैं
भारत और बांग्लादेश लगभग 54 नदियां साझा करते हैं। इनमें गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियां भी शामिल हैं। ये बांग्लादेश में खेती और बाढ़ नियंत्रण के लिए जीवनरेखा का काम करती हैं।
1971 के बाद गठित संयुक्त नदी आयोग ने नदियों से जुड़े मसलों को सुलझाने और उन पर काम करने में अहम भूमिका निभाई है। खासकर तब, जब मौजूदा संधि के समाप्त होने के बाद आगे की रूपरेखा तय की जा रही है।