राहुल गांधी के आरोपों पर पूर्व सैन्य अधिकारियों का जवाब- ग्रेट निकोबार परियोजना समुद्री सुरक्षा की संजीवनी
रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ग्रेट निकोबार परियोजना का समर्थन कर रहे हैं, जिसके तहत द्वीप पर एक बड़ा शिपिंग पोर्ट बनाया जाना है। राहुल गांधी के हालिया भूमि अधिग्रहण और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद, अधिकारियों ने इस परियोजना पर अपना समर्थन जताया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना सिर्फ बुनियादी ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। खासकर, मलक्का जलडमरूमध्य जैसे व्यस्त समुद्री रास्तों पर नजर रखने और इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी का मुकाबला करने के लिए यह अहम है।
अधिकारी स्थानीय नौकरियों और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का आश्वासन दे रहे
सुरक्षा के साथ-साथ, इस परियोजना से भारत की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे विदेशी बंदरगाहों पर हमारी निर्भरता घटेगी।
अधिकारियों ने यह भरोसा भी दिलाया है कि पर्यावरणीय सुरक्षा और आदिवासियों के अधिकारों को पूरी गंभीरता से देखा जा रहा है। इसके लिए सतत विकास योजनाएं भी बनाई गई हैं। मेजर जनरल पी विवेकानंदन (रिटायर्ड) के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट समुद्री स्वतंत्रता बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने से जुड़ा है।
वहीं, एयर वाइस मार्शल पी के श्रीवास्तव (रिटायर्ड) ने बेहतर निगरानी को एक और बड़ा फायदा बताया है। इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण संबंधी मंजूरियां भी मिल चुकी हैं। इसके तहत जंगलों की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के सम्मान के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।