
जम्मू-कश्मीर प्रशासन का महबूबा मुफ्ती को नोटिस, आधिकारिक बंगला खाली करने को कहा
क्या है खबर?
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को आधिकारिक आवास खाली करने को कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें नोटिस भेजकर श्रीनगर के उच्च-सुरक्षा वाले गुपकर इलाके में स्थिति आधिकारिक बंगले 'फेयरव्यू' को खाली करने का नोटिस दिया है। मुफ्ती 2005 से डल झील के किनारे बने इस बंगले में रह रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन ने उन्हें श्रीनगर के किसी दूसरे इलाके में आवास देने की पेशकश की है।
प्रतिक्रिया
मुफ्ती ने क्या प्रतिक्रिया दी?
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, मुफ्ती ने कहा कि उन्हें कुछ दिन पहले आवास खाली करने का नोटिस मिला है। यह बिल्कुल हैरान करने वाला नहीं है और पहले से ही ऐसा लग रहा था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वो इस नोटिस को अदालत में चुनौती देंगी, तो उन्होंने कहा, "मेरे पास ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां मैं ठहर सकूं। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले मुझे कानूनी टीम से सलाह लेनी पड़ेगी।"
प्रतिक्रिया
प्रशासन का बताया कारण ठीक नहीं- महबूबा
मुफ्ती ने कहा, "नोटिस में बताया गया है कि यह आवास जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री के लिए है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह बंगला दिसंबर, 2005 में मेरे पिता (मुफ्ती मोहम्मद सईद) को आवंटित किया गया था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था। इसलिए प्रशासन के बताए गए कारण ठीक नहीं है।"
उनकी पार्टी के एक नेता ने कहा कि सुरक्षा आधार पर मुफ्ती को यह आवास दिया गया था।
नियम
जम्मू-कश्मीर में पहले अलग थे नियम
बाकी राज्यों से अलग जम्मू-कश्मीर में पहले मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास खाली नहीं करने होते थे, भले ही उनका कार्यकाल पूरा हो जाए या उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़े। हालांकि, 2019 में जब राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किया गया था, तब पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाएं भी समाप्त कर दी गई थीं।
इसके बाद 2020 में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों- उमर अब्दुल्ला और गुलाम नबी आजाद ने अपने आधिकारिक आवास खाली कर दिए थे।
जानकारी
पूछताछ केंद्र होता था यह बंगला
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, फेयरव्यू बंगले को पहले पूछताछ केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था और इसे PAPA-II के नाम से जाना जाता था। कुछ समय तक यह आधिकारिक गेस्ट हाउस भी रहा है। बाद में सीमा सुरक्षा बल ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया और इसे फेयरव्यू नाम दिया।
यहां नियमित तौर पर जांच और पूछताछ चलती रहती थी। फिर 1996 में पूर्व नौकरशाह अशोक जेटली इसमें रहने के लिए शिफ्ट हुए।
न्यूजबाइट्स प्लस
भाजपा से तल्ख रहे हैं महबूबा के रिश्ते
2018 तक भाजपा के साथ मिलकर सरकार चलाने वालीं महबूबा मुफ्ती पिछले काफी समय से भाजपा के खिलाफ तल्ख टिप्पणियां कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने से नाराज मुफ्ती कई मौकों पर इसे लेकर केंद्र पर निशाना साध चुकी हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने असंवैधानिक तरीके से राज्य का बंटवारा किया है।
उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए सरकार को यह दर्जा वापस देना होगा।