
भारत का सबसे असफल प्रत्याशी है यह शख्स, अब तक हार चुका है 199 चुनाव
क्या है खबर?
आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति से मिलाने जा रहे हैं जिसके नाम भारत का सबसे असफल प्रत्याशी है।
तमिलनाडु के सेलम जिल के रहने वाले के पद्मराजन अब तक 199 बार चुनाव लड़ चुके हैं और हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
उनके इस अनोखे कारनामे के लिए 'लिम्का रिकॉर्ड बुक' में उनका नाम 3 बार दर्ज किया गया है।
आइए आपको उनके बारे में और अधिक जानकारी देते हैं।
रिकॉर्ड
बड़े-बड़े दिग्गजों के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं पद्मराजन
पद्मराजन पेशे से होम्योपैथी डॉक्टर हैं और वह साल 1988 से चुनाव लड़ रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय पंचायत चुनाव से लेकर राष्ट्रपति के स्तर तक का हर चुनाव लड़ा है।
वह अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, प्रणब मुखर्जी, जे जयललिता, एम करुणानिधि, एके एंटनी और पीवी नरसिम्हा राव जैसे दिग्गजों के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।
उन्होंने तमिलनाडु के अलावा, केरल, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में भी चुनाव लड़े हैं।
उद्देश्य
पद्मराजन का संदेश, कोई भी लड़ सकता है चुनाव
पद्मराजन अब तक कुल 199 बार चुनाव हार चुके हैं।
अपने इस अनोखे रिकॉर्ड पर उनका कहना है कि अगर वह कभी जीत गए तो उन्हें दिल का दौरा पड़ जाएगा।
ऐसा करने के पीछे अपने उद्देश्य पर उन्होंने कहा, "जीवन में मेरा लक्ष्य यह संदेश देने का है कि एक लोकतंत्र में कोई भी चुनाव लड़ सकता है।"
पद्मराजन ने कहा कि वह आगे भी चुनाव लड़ते रहेंगे और उनका एकमात्र लक्ष्य रिकॉर्ड बनाते जाना है।
रिकॉर्ड
अब तक हो चुकी है 20 लाख रुपये की जमानत जब्त
अब तक हारे चुनावों में पद्मराजन की 20 लाख रुपये तक की जमानत जब्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने केवल अपनी मेहनत से कमाये गए पैसे को ही उपयोग किया है और उन्हें इसी गंवाने का कोई पछतावा नहीं है।
पद्मराजन के इस 'मिशन' में उनके माता-पिता उनका भरपूर साथ देते हैं। पहले उनकी पत्नी और बच्चे इसके खिलाफ थे, लेकिन अब उन्होंने इसे मंजूर कर लिया है।
2019 लोकसभा चुनाव
राहुल गांधी के खिलाफ केरल से लड़ने की योजना बना रहे हैं पद्मराजन
इस बार के लोकसभा चुनाव में पद्मराजन धर्मपुरी से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
साथ ही वह केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं।
इसके बारे में उन्होंने कहा, "अगर राहुल गांधी वायनाड से चुनाव लड़ते हैं तो मैं भी वहां से चुनाव लडूंगा।"
पद्मराजन ने कहा कि जल्द ही उनकी पराजयों की संख्या 200 होने जा रही है और वह इसे लेकर बेहद खुश हैं।