मनोज जरांगे पाटिल ने अनशन तोड़ा, पर मराठा आरक्षण पर सरकार को 'खुली चुनौती'
मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने बुधवार को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्हें भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया। हालांकि, पाटिल ने साफ कर दिया कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी मांगों पर कायम हूं। जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक मैं अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल वापस नहीं लूंगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वे मराठा आरक्षण के लिए अपनी लड़ाई तब तक जारी रखेंगे, जब तक उनकी सारी मांगें मान नहीं ली जातीं।
पाटिल कुनबी प्रमाण पत्र और गजट मान्यता की मांग पर अड़े
पाटिल चाहते हैं कि मराठा समाज के लोगों को कुनबी जाति के प्रमाण पत्र दिए जाएं। वे करीब 58 लाख कुनबी लोगों के रिकॉर्ड का हवाला दे रहे हैं। इसके साथ ही, वे ऐतिहासिक हैदराबाद गजट को भी मान्यता दिलवाना चाहते हैं, ताकि मराठा आरक्षण के दावे को और मजबूती मिल सके। वे सतारा और कोल्हापुर रियासतों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से आधिकारिक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पाटिल का वादा- सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे
पाटिल ने बताया कि एक समय उन्हें भाजपा नेताओं पर भरोसा था। लेकिन अब उन्हें लगता है कि धीमी कार्रवाई और खोखले वादों ने उन्हें निराश किया है। उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने अपना अनशन खत्म कर दिया हो, फिर भी वे सरकार पर तब तक दबाव बनाए रखेंगे, जब तक कि इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा लिया जाता।