दिल्ली पुलिस के 'अत्याचार' पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, मनोज झा ने 'हजारों की हिरासत' को बताया गैर-कानूनी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की गुहार लगाई है। उन्होंने यह मांग 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनों से निपटने के तरीके पर गंभीर चिंताएं उठने के बाद की है। ये प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए थे।
इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की बर्बरता, गलत तरीके से लोगों को हिरासत में लेने और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप सामने आए। झा का कहना है कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।
6,000 से ज्यादा लोग हिरासत में
झा की याचिका में बताया गया है कि 6,000 से भी ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें कई पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद भी शामिल थे। शहर पर भी इन प्रदर्शनों का असर साफ दिखा।
इस दौरान करीब 250 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। खबरों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की तलाश में बस अड्डों और होटलों में छापेमारी की। इसके साथ ही, कई महत्वपूर्ण इलाकों में इंटरनेट सेवा भी ठप कर दी गई थी।
झा ने सुप्रीम कोर्ट से पुलिस की इन सभी कार्रवाइयों को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन कदमों से जनता की आवाजाही के अधिकार पर चोट पहुंची है।