मणिपुर में मुख्यमंत्री की नियुक्ति के 24 घंटे बाद फिर भड़की हिंसा, सामने आया ये कारण
क्या है खबर?
मणिपुर में जातीय हिंसा की आग अभी शांत नहीं हुई है। राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति के 24 घंटे बाद गुरुवार देर रात को फिर बवाल शुरू हो गया। चुराचांदपुर के तुइबोंग बाजार इलाके में कुकी समुदाय से जुड़े लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की। प्रदर्शकारियों ने टायर और लकड़ियों को जलाकर सड़क पर जाम लगाया। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों को हिंसा को काबू करने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
प्रदर्शन
आंसू गैस के गोले दागे
बताया जा रहा है कि इलाके में रात भर अशांति बनी रही। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी देखी गई है। पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उनको घरों में लौटने को कहा। हालांकि, प्रदर्शनकारी रात भर सड़कों पर डटे रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल को तैनात किया गया है।
बवाल
कुकी समुदाय क्यों नाराज है?
बुधवार को मणिपुर में भाजपा नेता और मैतेई समुदाय के युमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई है। उनके साथ कुकी और नगा समुदाय को साधने के लिए कुकी समुदाय से भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल दिखो को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। कुकी समुदाय अलग प्रशासन की मांग कर रहा है और चाहता है कि उसके समुदाय का कोई भी विधायक सरकार में शामिल न हो। इसीलिए विरोध किया जा रहा है।
बंद
मणिपुर में बंद का आह्वान
नई सरकार के गठन के बाद चुराचांदपुर जिले के आदिवासी संगठन 'जॉइंट फोरम ऑफ सेवन' (JF-7) ने शुक्रवार को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक कुकी-जो बहुल इलाकों में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। संगठन ने अपने समुदाय के सभी सदस्यों से लोकतांत्रिक तरीके से इसमें शामिल होने की अपील की है। कुकी जो काउंसिल ने समुदाय के विधायकों संगठन के फैसले की अनदेखी न करने को कहा है। कुछ कुकी उग्रवादी संगठनों ने भी विरोध जताया है।
ट्विटर पोस्ट
मणिपुर में हिंसा
#WATCH | Manipur | Violence broke out between security forces and the mob in Churachandpur against Nemcha Kipgen and Losii Dikho, taking oath as the Deputy Chief Ministers of Manipur
— ANI (@ANI) February 6, 2026
Police use tear gas to disperse the protestors (05.02) pic.twitter.com/SQI9vpnjho
हिंसा
मई 2023 से जारी है हिंसा
मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच 3 मई, 2023 से हिंसा जारी है। इस हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, 1,500 से ज्यादा घायल हुए हैं और हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। हिंसा नहीं रोक पाने के दबाव के चलते 9 फरवरी, 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद 13 फरवरी, 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ, जो 3 फरवरी, 2026 को हटाया गया।