
बलिया फायरिंग: SDM और पुलिस के सामने गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी लखनऊ में गिरफ्तार
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के बलिया में पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने एक शख्स की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आज लखनऊ में धीरेंद्र और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया।
उसके सहयोगियों के पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। सभी आरोपियों से एक अज्ञात जगह पर पूछताछ की जा रही है।
पृष्ठभूमि
क्या है पूरा मामला?
15 अक्टूबर को बलिया के दुर्जनपुर गांव में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), सर्कल ऑफिसर (CO) और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी गल्ले की दुकान के आवंटन के लिए बैठक हो रही थी।
इस बैठक में आरोपी धीरेंद्र सिंह और पीड़ित जयप्रकाश पाल के पक्षों के बीच विवाद हो गया और धीरेंद्र ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर जयप्रकाश की हत्या कर दी।
हत्या के बाद धीरेंद्र मौके से फरार हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
मांग
पीड़ित के परिवार ने की आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग
अब आरोपी धीरेंद्र को उसके सहयोगियों के साथ लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है। STF के अनुसार, घटना के बाद आरोपी बिहार भाग गया था और अभी शायद किसी जानने वाले के यहां छिपने के लिए वापस लखनऊ आया था।
आरोपी की गिरफ्तारी पर खुशी जताते हुए मृतक के भाई सूरज पाल ने कहा, "हम आरोपी के लिए कड़ी सजा चाहते हैं। उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए। हम परिवार के लिए सुरक्षा भी चाहते हैं।"
कार्रवाई
आरोपियों पर घोषित किया गया था 50,000 रुपये का इनाम, लगाया गया NSA
बता दें कि मामले में फरार सभी आरोपियों पर पहले 25,000-25,000 और फिर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मामले में कुल आठ नामजद आरोपी हैं, वहीं 20-25 अज्ञातों को भी आरोपी बनाया गया है।
इनमें से देवेंद्र प्रताप सिंह और नरेंद्र प्रताप सिंह को शुक्रवार और मुन्ना यादव, राज प्रताप यादव और राजन तिवारी को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) भी लगाया गया है।
राजनीति
भाजपा विधायक का करीबी है धीरेंद्र
गौरतलब है कि आरोपी धीरेंद्र स्थानीय भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी है और वह पार्टी की पूर्व सैनिकों की एक इकाई का अध्यक्ष था। धीरेंद्र खुद भी एक सैनिक रहा है।
धीरेंद्र के भाजपा से इस जुड़ाव के कारण मामले में राजनीतिक विवाद भी खूब हुआ था और विपक्ष ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला था। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि कानून व्यवस्था का सच उजागर हो गया है।
कार्रवाई
SDM और CO समेत मौके पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को किया जा चुका है निलंबित
मामले की इसी राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बाद SDM सुरेश चंद्र पाल, CO चंद्रकेश सिंह और मौके पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
उन्होंने ये भी कहा था कि मामले में अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी और अगर किसी अधिकारी को दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।